पटना. गर्मी से पहले पेसू ने राजधानी के 67 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। पावर सब स्टेशनों में लगे 5 केवीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मरों को बदलकर 10 केवीए वाला नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इससे राजधानी की क्षमता 1000 मेगावाट से बढ़कर 1335 मेगावाट हो जाएगी।
अभी पूर्वी पटना 21 पावर सब स्टेशनों में कुल 58 पावर ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसमें 24 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता 10 एमवीए है। शेष 21 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ेगी। इसी तरह पश्चिमी पटना के 29 पावर सब स्टेशन में कुल 80 पावर ट्रांसफार्मर है। इसमें महज 34 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता 10 केवीए है।
शेष 46 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ेगी। इस काम को आरपीडीआरपी के तहत किया जाएगा। इस संबंध में पूर्वी पटना के अधीक्षण अभियंता रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को क्वालिटी बिजली देने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। गर्मी से पहले पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए आरएपीडीआरपी योजना के तहत काम करने वाली पोली कैब बीवीजी कंपनी को निर्देश दिया गया है, ताकि गर्मी के पहले काम पूरा हो सके।
बढ़ने लगी खपत
अभी राजधानी में बिजली की खपत दिन में 250 मेगावाट है। शाम में यह खपत बढ़कर 325 मेगावाट हो जाती है। वहीं, मार्च महीने से गर्मी शुरू होते ही खपत बढ़ने लगती है। जून आते-आते राजधानी में बिजली की खपत 450 मेगावाट से 550 मेगावाट हो जाती है।