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खींचा जा रहा 20 तक स्पीकर की गिरफ्तारी का खाका

6 वर्ष पहले
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पटना. राज्य में जारी सत्ता-संग्राम के तहत मांझी खेमे ने विधानसभा अध्यक्ष को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है। पूर्व सांसद राजेश हत्याकांड की सीबीआई जांच की अनुशंसा तो कर ही दी गई है, तत्काल कार्रवाई की योजना भी बनाई जा रही है। गया के तत्कालीन एसपी परेश सक्सेना के जांच प्रतिवेदन में पुलिस जांच पर सवाल उठाया गया था और स्पीकर से पूछताछ के लिए लिखा गया था। मामले तब से आगे नहीं बढ़ा था। सूत्रों की मानें तो इसी कांड में स्पीकर की गिरफ्तारी के लिए पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। और यह सब 20 तारीख को होने वाले शक्ति परीक्षण से पहले करने की तैयारी है।

गिरफ्तारी का कैसे बनेगा आधार

इस कांड में नए सिरे से जांच प्रतिवेदन जारी करते हुए गिरफ्तारी का आदेश दिया जा सकता है। इसके लिए कानूनी और विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गया के इमामगंज थाने में दर्ज कांड संख्या 1@2005 से संबंधित संचिका पुलिस मुख्यालय मंगा ली गई है। कानून के जानकारों की सलाह के बाद मांझी खेमे ने ‘आपरेशन स्पीकर’ शुरू कर दिया है। मामला हाईप्रोफाइल है इसलिए कोई भी अफसर इस मसले पर जुबान खोलने को तैयार नहीं हो रहे। सूत्र बता रहे हैं कि ‘ऑपरेशन स्पीकर’ को अंजाम देने के लिए विश्वस्त पुलिस अधिकारियों की तलाश हो रही है। जरूरत पड़ी तो इसके लिए कुछ पुलिस अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग भी की जा सकती है। एसटीएफ का भी इस्तेमाल हो सकता है। यह सब गोपनीय तरीके से हो रहा है।

पीएमओ का पत्र भी आधार

22जनवरी, 2005 को लोजपा नेता पूर्व सांसद डॉ. राजेश कुमार की हत्या हुई थी। हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग अरसे से चली रही है। केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के आग्रह पर वर्ष 2008 में प्रधानमंत्री ने भी राज्य सरकार को इस बाबत पत्र लिखा था। रामविलास पासवान ने कई बार कई गृह मंत्रियों से भी मिलकर सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके आलोक में कई बार गृह मंत्रालय से भी राज्य सरकार को पत्र भेजा गया था।
इन पत्रों को आधार बनाकर सीबीआई जांच की अनुशंसा की पृष्ठभूमि तैयार की गई। पटना जोन के आईजी एके अंबेडकर से पूछा गया तो बोले- इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी मुझे नहीं है।
‘राजेश हत्याकांड में आरोपों से दुखी हूं’
विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने गुरुवार को कहा कि पूर्व सांसद राजेश कुमार की हत्या के मामले में मेरा नाम घसीटे जाने से मैं अत्यंत दुखी हूं। हमारा चरित्रहनन हो रहा है। आरोप बेबुनियाद एवं मनगढ़ंत है। जबर्दस्ती मेरे मुंह में डाला जा रहा है। इस साजिश में लगे लोगों के खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई करने की सोच रहा हूं। वह अपने कक्ष में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
मीडिया द्वारा मगध क्षेत्र के डीआईजी द्वारा पुलिस मुख्यालय को राजेश कुमार हत्याकांड की रिपोर्ट भेजने और उनकी गिरफ्तारी की संभावना संबंधी खबर पर हैरानी जताते हुए कहा कि कुछ लोग मेरे खिलाफ अभियान में लगे हैं। यह पूछने पर क्या मगध क्षेत्र में मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से आपकी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है और वही आपके खिलाफ अभियान चला रहे हैं, इस पर उन्होंने इंकार नहीं किया और कहा कि यह सच शीघ्र सामने होगा। हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग और सरकार द्वारा इसकी तैयारी की चर्चा पर कहा- वह किसी को मांग करने से कैसे रोक सकते हैं। और जांच का विरोध क्यों करेंगे। चाहता हूं कि मामले का निराकरण हो जाए।
राजभवन से नहीं मिला कोई पत्र
स्पीकर ने 20 फरवरी को सदन में मुख्यमंत्री को विश्वास मत प्राप्त करने और इसके लिए मतदान की पद्धति संबंधी राज्यपाल के निर्देश के संबंध में कहा कि चार बजे तक उन्हें राजभवन से कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर शुक्रवार को वह अपनी प्रतिक्रिया देंगे। विधानसभा के संचालन और मत विभाजन की प्रक्रिया तय है। इसके लिए कहीं से निर्देश मिलने या इसके मानने न मानने के संबंध में अभी कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में दुहराया कि पार्टी के पत्र के आलोक में नीतीश कुमार को जदयू विधानमंडल दल के नेता के रूप मेें मान्यता देना गलत नहीं है। यह परंपरा के अनुरूप ही किया गया है।