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इधर बंदोबस्ती शुल्क देने की जिद, उधर िबके 100 फॉर्म
बैंक से फॉर्म बेचने का अनुराेध
दीघा-राजीवनगर निवासियों द्वारा बंदोबस्ती शुल्क नहीं देने के एलान के बावजूद बिहार राज्य आवास बोर्ड ने दीघा अर्जित भूमि बंदोबस्ती स्कीम-2014 के 100 फॉर्म बेच दिए हैं। बिहार राज्य आवास बोर्ड ने फॉर्म बेचने की शुरुआत 11 सितंबर से की है।
आवास बोर्ड मुख्यालय के अलावा आईडीबीआई बैंक उमा कांप्लेक्स, फ्रेजर रोड, आईडीबीआई बैंक आशियाना-दीघा रोड, बैंक ऑफ इंडिया के सचिवालय शाखा एवं राजीवनगर शाखा फॉर्म की ब्रिक्री हो रही है, जिसकी कीमत 50 रुपए है। बिहार राज्य आवास बोर्ड के एमडी डीके शुक्ला ने कहा कि कुछ लोग निजी फायदे के लिए बंदोबस्ती स्कीम का विरोध कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों को बंदोबस्ती स्कीम के बारे में जानकारी नहीं है। वैसे लोगों को जानकारी देने के लिए प्रचार-प्रसार तेज किया जाएगा। वहीं दीघा कृषि भूमि आवास बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनोरंजन सिंह ने कहा कि लोगों ने बंदोबस्ती शुल्क देने के लिए नहीं, बल्कि जानकारी लेने के लिए फॅार्म खरीदे हैं। सरकार जब तक 1054.52 एकड़ जमीन को अधिग्रहण मुक्त नहीं करती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रभा देवी, राजीवनगर - पूरेजीवन की कमाई लगाकर घर बनाया है। सरकार जब तक जमीन को अधिग्रहण मुक्त नहीं करती तब तक संघर्ष किया जाएगा। फॉर्म बेचने से सरकार की स्कीम सफल होने वाली नहीं है।
अमित कुमार, राजीवनगर - सरकारजनता को ठग रही है। चुनाव में राजीवनगर, नेपाली नगर, चंद्र विहार कॉलोनी, जयप्रकाश नगर, वीर कुंवर सिंह चौक, केशरी नगर दीघा के लोग वर्तमान सरकार को सबक सिखाएंगे।
मनीष कुमार, राजीवनगर - सरकारफॉर्म बेचकर बंदोबस्ती शुल्क नहीं ले सकती है। स्थानीय लोगों ने एलान कर दिया है कि जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। सरकार के कानों तक यहां के लोगों की अपनी आवाज पहुंचाने में सफल होंगे।
लड्डू झा, राजीवनगर - लोगबंदोबस्ती शुल्क का विरोध कर रहे हैं। लोगों ने पैसा दे जमीन खरीदी है, तो बंदोबस्ती शुल्क देने का सवाल नहीं उठता। सरकार जब तक अधिग्रहण मुक्त करने की घोषणा नहीं करती तब तक संघर्ष होगा।
स्थानीय निवासी बोले नहीं देंगे शुल्क
दीघाकृषि भूमि आवास बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने मंगलवार को राजीवनगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया एवं आशियाना-दीघा रोड स्थित आईडीबीआई बैंक में जाकर फॉर्म बेचने पर रोक लगाने की मांग की है। संघर्ष समिति के मह