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पखवाड़ा का समापन
पटना|रक्षालेखा नियंत्रक कार्यालय में हिंदी पखवाड़े का समापन हुआ। पखवाड़े के दौरान निबंध, टिप्पणी, श्रुतिलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रक्षा लेखा नियंत्रक राकेश कुमार ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान हिंदी को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब कार्यालय में ज्यादातर काम हिंदी में होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हिंदी को अधिक से अधिक बेहतर करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में भारत लेखा नियंत्रक कार्यालय पटना के सहायक नियंत्रक
भूमंडलीकरणकेइस दौर में भारत की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था उथल-पुथल से गुजर रही है। जिसने भारत की भाषाओं की पहचान को भी संकट में डाल दिया है। ये बातें टीपीएस कॉलेज में वैश्वीकरण के दौर में हिंदी विषय पर आयोजित एक व्याख्यान में मुख्य वक्ता पटना विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के प्रो. बलराम तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि देश के तमाम बड़े देश एक षड्यंत्र के तहत बाजार के माध्यम से अपनी भाषा को भारत में लगातार पहुंचा रहे हैं। अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा देने वाले सभी देशों की नजर भारत के बाजार पर है और इसी माध्यम से यहां के बच्चों और युवाओं की भाषा सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। उन्होंने बिगड़ती भाषा के लिए मीडिया को भी जिम्मेदार बताया। प्रो. तिवारी ने कहा कि आज का मीडिया हिंदी और अंग्रेजी मिश्रित भाषा का प्रयोग करता है। इससे भी अंग्रेजी का ही प्रचार-प्रसार होता है। उन्होंने चीन और जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से वहां अपनी भाषा को प्रमोट किया जाता है और कार्यप्रणाली में शामिल किया जाता है, उसी प्रकार अपनी क्षेत्रीय भाषा को बचाया जा सकता है। साहित्यकार पद्मश्री रवींद्र राजहंस ने कहा कि गुलाम मानसिकता के कारण अंग्रेजी हमारी आदत में शामिल हो गई है। जब तक हम कार्य प्रणाली और हर दिन अपने क्रियाकलापों में हिंदी का प्रयोग नहीं करेंगे। हिंदी को सिर्फ राज्य भाषा बनाने से कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। टीपीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि हिंदी भाषा केवल रोजगार की नहीं, आत्म सम्मान की भाषा बननी चाहिए।
कार्यालय के कर्मियों को संबोधित करते हुए नियंत्रक राकेश कुमार।
दर्जनों उपस्थित
प्रो. आरके मिश्रा, प्रो. जावेद अख्तर खान, डॉ. शशिभूषण चौधरी, डॉ. कृष्णनंदन प्रसाद, डॉ. हेमलता, डॉ. छोटे लाल, डॉ. विनोद रॉय, डॉ. विजय कुमार सिंह के साथ शिक्षक और छात्र उपस्थित थे।
टीपीएस कॉलेज में व्याख्यान देते प्रो. बलराम तिवारी साथ में हैं प्रो. जावेद अख्तर खान, प्रो. श्रीकांत शर्मा और पद्मश्री रवींद्र राजहंस।
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