बिहार में क्यू फीवर से हड़कंप
नालंदामें गाय में क्यू फीवर और गया में इपिजोटिक हिमोरेजिक का मामला प्रकाश में आते ही हड़कंप मच गया है। केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र भेज जांच कर रोकथाम का उपाय करने का निर्देश दिया है। इसके पहले देश में अब तक क्यू फीवर का मामला सामने नहीं आया था।
शुक्रवार को पशु मत्स्य संसाधन विभाग ने विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया है। टीम शनिवार को नालंदा के थरथरी प्रखंड और गया के आमस और गुरारू प्रखंड में जाकर जांच करेगी। जांच टीम में पशु स्वास्थ्य उत्पाद संस्थान के विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार राय डॉ. विजय कुमार झा शामिल हैं। नेशनल एनिमल डिजीज रिपोर्टिंग सिस्टम को हर राज्य से पशुओं में बीमारी की रिपोर्ट भेजी जाती है। बिहार के दो जिलों के तीन प्रखंडों से रिपोर्ट भेजी गई है।
डीसीएलआर कोर्ट में 101 अमीन होंगे बहाल
पटना।सूबेके सभी 101 डीसीएलआर कोर्ट में अमीन की नियमित नियुक्ति होगी। सरकार ने सैद्धांतिक निर्णय ले लिया है। यह संविदा पर नियुक्त होने वाले 700 अमीनों से अलग होगा। इस समय डीसीएलआर कोर्ट में अमीन का प्रावधान ही नहीं है। विभाग के प्रधान सचिव के अनुसार,विभाग अब प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी में है।
क्या है क्यू फीवर : पशुचिकित्सक बताते हैं कि डेंगू की तरह गाय भैंस में क्यू फीवर बीमारी है। वायरल बीमारी क्यू फीवर से पीड़ित जानवर में तेज बुखार होती है। शरीर में सूजन भी रहता है। पशु खाना-पीना छोड़ देता है। मौत का कारण भी होता है। यह संक्रामक बीमारी है।
क्याहै इपिजोटिक हिमोरेजिक: पशुओंका यह वायरल बीमारी है। मुख्य रूप से यह बीमारी गाय भैंस में होती है। पीड़ित पशु की त्वचा से खून का रिसाव होता है और मौत का कारण बनता है। इलाज भी कठिन है।