32 कॉलेज के साथ जोनासा का आगाज
देशकेछह जोन... 32 कॉलेज और 1200 विद्यार्थियों का जमावड़ा। देश से लेकर विदेश तक में नाम कमा चुके बेहतरीन आर्किटक्चर 24 वर्ष बाद राजधानी पटना में जोनासा में पहुंचे हैं। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के इनडोर स्टेडियम में उद्घाटन के अवसर पर भारत के छह राज्यों से आए विद्यार्थियों ने इसे खास बना दिया है। स्टेडियम हॉस्टल से लेकर इंडोर स्टेडियम के बीच लगातार गहमा-गहमी रही। हर कॉलेज ने अपने विद्यार्थियों के लिए अलग ड्रेस कोड बनाया है। हॉस्टल से निकलते ही अपने-अपने ग्रुप में ढोल, नगाड़े और अपना झंडा लेकर छात्र स्टेडियम में दाखिल हुए।
यहां भी उनके लिए खास व्यवस्था की गई है। स्वागत से लेकर उनकी मस्ती की हर सामग्री उपलब्ध है। यहां कोई लगातार सीटी बजा रहा है तो कोई ढोल अपने साथ ही लेकर बैठा है। हर आगाज को जोरदार चीयर्स किया जा रहा था। कार्यक्रम का उद्घाटन करने जैसे ही पटना एनआईटी के डायरेक्टर प्रो. अशोक डे, दिल्ली लोटस टेंपल के आर्किटेक्ट और अमेरिका के फरिबोर्ज सहाबा, आर्किटेक्चर अनी फीन्सट्रा और पुपेल जुनेजा स्टेज पर पहुंचे विद्यार्थियों ने पांच मिनट तक जोरदार तालियों के साथ इस आगाज का स्वागत किया।
झूमे विद्यार्थी
एनआईटी पटना के साथ दूसरे राज्यों से आए विद्यार्थियों के लिए दुर्गा पूजा को खास बनाने के लिए डांडिया नाइट का भी आयोजन किया गया है। इंडोर स्टेडियम के बाहर मैदान में एक साथ हजारों विद्यार्थियों ने खूब डांडिया खेली।
विजन से करें सब कुछ साकार
भारत की राजधानी दिल्ली में लोटस टेंपल बना चुके आर्किटेक्चर फरिबोर्ज सहाबा ने विद्यार्थियों को बताया कि, उन्होंने मात्र 26 वर्ष की आयु में इस टेंपल को बनाने के लिए विश्व के जाने-माने इंजीनियरों से इस प्लान को जीता था। यह उनका विजन था, जो वर्तमान समय में साकार हुआ है। यह विश्व का सबसे अधिक विजिट किया जाने वाला धर्म स्थल हैं। यहां दलाई लामा और पोप से लेकर हर धर्म के लोग भगवान को याद करने जाते हैं। उन्होंने कहा कि आर्किटेक्ट इन्हीं माध्यमों से अलग-अलग समुदायों को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने बताया कि विजन और प्लानिंग है, तो इससे हमेशा चमत्कार ही देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि हर आदमी बिल्डर होता है। जरूरत है बिल्डिंग के साथ अपने व्यक्तित्व को बिल्ड करें। जीवन में बहुत आगे बढ़ जाने के बाद शुरुआत में किया गया संघर्ष