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डॉक्टर, नर्स, ठेकेदार ने की बिहटा हॉस्पिटल में मरहम-पट्‌टी

7 वर्ष पहले
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दोस्तों की इंसानियत

लोकमान्यतिलक-राजेंद्रनगर टर्मिनल एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रविवार सुबह डकैती के दौरान ट्रेन से कूदे शहरोज का इलाज बिहटा रेफरल अस्पताल में मौजूद ठेकेदार ने किया। सुबह के दस बज रहे थे पर वहां कोई डॉक्टर था, कंपाउडर और ही नर्स। रेल लाइन के पास टहल रहे चार दोस्तों ने शहरोज को पैसेंजर ट्रेन से अस्पताल पहुंचाया।

इन लोगों ने बताया कि वहां एक स्वास्थ्य कर्मी था और दूसरा अस्पताल का ठेकेदार था, जो वहां बेडशीट खाने की सप्लाई करता है। शहरोज दर्द से तड़प रहा था। ठेकेदार ने उसका इलाज शुरू किया। उसके जख्म को शैवलोन से साफ करने लगा। इसी दौरान पास में एक निजी अस्पताल से एक डाॅक्टर को बुलाया गया। वह हड्डी रोग विशेषज्ञ थे। हालांकि इस अस्पताल में प्रभारी समेत 22 डॉक्टर पदस्थापित हैं। चौबीसों घंटे डॉक्टरों को रहना है। 12 बजे जीआरपी की टीम वहां पहुंची और 15645 दादर- गुवाहाटी को रुकवाकर शहरोज को पटना भिजवाया। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ केके मिश्र ने कहा कि गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। प्रभारी से जवाब तलब किया जाएगा। जो दोषी पाए जाएंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी।

7 बजकर 50 मिनट पर मिली थी जानकारी: स्टेशन प्रबंधक

बिहटास्टेशन प्रबंधक श्लोक यादव ने बताया की लोकमान्य तिलक बिहटा स्टेशन से 5 बजकर 37 मिनट पर गुजरी थी। 7 बजकर 50 मिनट पर किसी यात्री ने आकर ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी, जिस पर तत्काल इसका मेमो जीआरपी बिहटा को उपलब्ध करा दिया गया।

सुबह-सुबह दौड़ने के लिए दिलावरपुर गांव के चार दोस्त अरविंद कुमार, पिंटू कुमार, दीपक कुमार एवं प्रवीण घर से निकले थे। रास्ते में उन्हें शहरोज के कराहने की आवाज सुनाई दी। जब वे वहां पहुंचे तो दो युवक खून से लथपथ दिखे। एक की माैत हो चुकी थी। दूसरा कराह रहा था। अरविंद ने तत्काल इसकी जानकारी बिहटा स्टेशन और पास के गेटमैन को दी। लेकिन दो घंटे बाद भी कोई वहां नहीं पहुंचा। तभी डाउन लाइन पर 63232 बक्सर- पटना सवारी गाड़ी आती दिखी। दोस्तों ने ड्राइवर को इशारा कर ट्रेन रोकने की अपील की। स्थिति को देखते हुए ड्राइवर ने ब्रेक लगाया और वे लोग किसी प्रकार उसे लेकर बिहटा रेफरल अस्पताल पहुंचे।

रेफरल अस्पताल में जख्मी यात्री की मरहम-पट्‌टी करता अस्पताल का ठेकेदार।