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दैनिकभास्कर
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प्रेमचंद की मूर्ति के निकट कचरे का अंबार
Áराजेंद्रनगर स्थित प्रेमचंद रंगशाला के पास गोलंबर है, यहां प्रेमचंद की मूर्ति स्थापित है। यहां पटना नगर निगम ने कूड़ा भंडारण का स्थल बना दिया है। पिछले साढ़े चार वर्षों से यहां नरक-सी स्थिति है। दिन भर पटना के कई इलाकों से ट्रेक्टर से कूड़ा लाया जाता है एवं उसे खुले ट्रक से बहादुरपुर पुल पार करते हुए पहाड़ी की ओर ले जाया जाता है। ट्रक खुला होने के कारण कूड़ा सड़क पर विखरता है, जिसकी सफाई निगम नहीं करता है। मै विभाग के मंत्रीजी, अधिकारी तथा माननीय उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप करने की अपील करता हूं, ताकि इस स्थल को साफ-सुथरा रखा जा सके।
विभूतिनाथझा, राजेंद्रनगर।
महागठबंधनकहना अनुचित
Áप्रदेश में राजनीतिक दल मुख्यत: तीन खेमों में बंटे हैं। भाजपा के साथ दो अन्य दल हैं। यह राजग कहलाता है। राजद, जदयू और कांग्रेस का गठबंधन है। तीसरा गठबंधन वाम दलों का है। संयोग से तीनों गठबंधनों में तीन-तीन दल हंै। इस स्थिति में राजद, जदयू और कांग्रेस के गठबंधन को महागठबंधन किस आधार पर कहा जा सकता है? अगर इस गठबंधन में अन्य गठबंधनों से अधिक पांच या सात दल रहते, तो महागठबंधन कहा जा सकता था।
बलभद्रकल्याण, साहित्यसेवी,पटना।
धीमापड़ा विकास
Áकेंद्र में नमो की सरकार का आगाज बिहार के लिए उदासीन परिवर्तन लेकर आया है। सुशासन की सरकार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। नीतीश कुमार ने जो भी फैसले लिए थे, उसका भविष्य अब बिहार के लोगों को देखना है। यह भी लोग देखेंगे कि नमो को बिहार की कितनी चिंता है।
कनुप्रियाशेखर, राजेंद्रनगर।
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