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40 लाख की चपत लगाने वाले एमडी-डायरेक्टर धराए

7 वर्ष पहले
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एकरियल एस्टेट कंपनी को 40 लाख की चपत लगाने के आरोप में सोमवार को कोतवाली पुलिस ने कंपनी के प्रबंध निदेशक फिरोज अहमद निदेशक आसिफ परवेज उर्फ गौहर मलिक को मौर्यलोक में छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों पर उन्हीं की कंपनी निशांत डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व एमडी महेश प्रसाद ने छह माह पहले कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। उनका आराेप था कि कंपनी का गलत तरीके से 40 लाख रुपए निकाला गया।

यह कंपनी मौर्यलोक में स्थित है। इस मामले में महेश ने एक बैंक मैनेजर पर भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। बैंक मैनेजर पर इन दोनों के साथ रकम निकालने में मिलीभगत का आरोप है। गौहर मलिक जदयू के नेता हैं और कासिम कॉलोनी, शाहगंज में रहते हैं, जबकि फिरोज इन्द्रपुरी, समनपुरा, राजा बाजार में रहते हैं। कोतवाली थानेदार अजय कुमार ने बताया कि गौहर फिरोज को गिरफ्तार कर लिया गया है। बैंक मैनेजर को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

गौहर निशांत डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और फिरोज प्रबंध निदेशक बने। यही नहीं इन दोनों ने खुद का भी कॉसमॉस इंजीकॉन नामक रियल स्टेट की कंपनी खोल ली है। यह कंपनी भी मौर्य लोक में ही है। कहा जा रहा है कि इन दोनों का बड़े-बड़े नेताओं के साथ ही प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों के बीच गहरी पैठ भी है। गौहर फिरोज का पक्ष जानने के लिए उनकेे मोबाइल पर कई बार कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।

महेश ने बताया कि जब उन्हें यह पता चला कि एमडी के पद से हटाने से पहले ही इन लोगों ने कंपनी का 40 लाख निकाल लिया तो लिखित शिकायत कंपनी रजिस्ट्रार के यहां भी किया था। उसके बाद महेश ने 28 मार्च को काेतवाली थाने में गौहर फिरोज के साथ बैंक मैनेजर पर प्राथमिकी दर्ज करा दी।

महेश का कहना है कि वे इस कंपनी के एमडी थे गौहर फिराेज निदेशक। महेश का आरोप है कि इन दोनों ने साजिश के तहत बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग कर 26 मार्च को एमडी के पद से हटा दिया। हटाने से पहले ही गौहर फिरोज ने कंपनी के जिन-जिन बैंकों में अकाउंट थे, उसमें लिखकर दिया कि महेश कंपनी के कुछ नहीं रहे। फिरोज ने बैंकों में अपने को एमडी गौहर ने निदेशक घोषित कर दिया। साथ ही हटाने से दस दिन पहले ही 17 मार्च को बैंक से प्रबंध निदेशक निदेशक बनकर 40 लाख रुपए निकाल लिए।