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बासा भी कुलदीप नारायण के पक्ष में

7 वर्ष पहले
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चंद सिक्कों में बिकता है इनसान का जमीर यहां...

मनेगा जश्न या विरोध में निकलेगा जुलूस

आईएएसएसोसिएशन के बाद बिहार प्रशासनिक सेवा संघ भी निलंबित नगर आयुक्त कुलदीप नारायण के पक्ष में खड़ा हो गया है। बासा के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि बिना ठोस आधार के किसी भी प्रशासनिक पदाधिकारी पर कार्रवाई करना सही नहीं है। संघ इसका विरोध करता है। संघ सरकार से अपेक्षा करता है कि मामले की जांच करे। इसके बाद नियमानुकूल कार्रवाई करे। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से सरकार से तरह-तरह की कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है। इससे नगर विकास विभाग से पदस्थापित पदाधिकारियों का मनोबल गिरता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण नगर आयुक्त कुलदीप नारायण का निलंबन है।

रविवार को बासा के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कुलदीप नारायण के निलंबन निगम पदाधिकारियोें के साथ अभद्र व्यवहार की जांच में हो रही देरी आदि पर चर्चा हुई। करीब एक घंटे तक प्रशासनिक सेवा भवन, जवाहरलाल नेहरू मार्ग में हुई बैठक में निलंबन के विरोध में रणनीति तय की गई। संघ के उपाध्यक्ष सुशील वर्मा ने बताया कि इसमें निगम के पदाधिकारियों से प्राप्त बैठक की कार्यवाही पर चर्चा की गई। भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा लिए गए निर्णय पर भी चर्चा हुई। गया के वरीय उपसमाहर्ता श्वेता मिश्रा को अविलंब निलंबन से मुक्त करने की मांग की गई। उप सचिव भवन निर्माण विभाग रमेश झा के विरुद्ध कार्यवाही समाप्त करने का आग्रह किया गया है। बैठक में निगम पदाधिकारियों के साथ बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

यह फोटो कुलदीप नारायण के फेसबुक प्रोफाइल से लिया गया है।

कमेंट्स में भी इशारे दूर तक

कुलदीपनारायण के इस पोस्ट पर उनके चाहने वालों ने जिस तरह की टिप्पणियां की हैं, उसके भी दूर तक इशारे हैं। एक उदाहरण देखिए.. फेसबुक फ्रेंड हर्षद पटेल लिखते हैं- निराश मत हो, आपका काम राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित होता रहा है। यह परीक्षा की घड़ी है। वहीं, सुमित सेठ लिखते हैं- बहुत महंगा पड़ेगा...उन्हें यह सस्तापन। एक और पोस्ट है कौशल का- सर, आप भी एकदम सारे बिल्डर के पीछे पड़ गए थे..आपके चलते कितने बिल्डर भीख मांग रहे हैं...।

कुलदीपरनारायण ने वाट्सएप पर फरमाया है.... हवाओंसे कह दो अपनी औकात में रहें,हम परों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं। कुलदीप का इशारा कहीं कहीं उ