गंगा से मिट्टी कटाई रुकी तो आंदोलन
माफियाओंके लिए गंगा तट की मिट्टी बालू सोना उगल रही है। मुफ्त में रौबदारी कर मिट्टी की कटाई कर बेच रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी से धंधे में जुड़े लोगों को मनोबल बढ़ रहा है क्योंकि रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। लगातार मिट्टी कटाई से कई घाट खतरनाक बन चुके हैं। 24 घंटे के अंदर अवैध रूप से मिट्टी कटाई पर रोक नहीं लगाए जाने पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मिट्टीकटाई के खिलाफ एकजुट हुए लोग
अवैधतरीके से मिट्टी कटाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर भद्रघाट श्री नवयुवक समिति के अध्यक्ष पूर्व पार्षद लल्लू शर्मा, महासचिव नरेंद्र नाथ,बृजनंदन प्रसाद,भोतू सिंह, सुरेश प्रसाद, भवन कुमार,सुभाष कुमार,सहित अन्य लोगों ने डीएम,एसएसपी, एसडीओ, डीएसपी, आलमगंज थाना को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा कि 24 घंटे के अंदर इस रोक नहीं लगाए जाने पर आंदोलन चलाया जाएगा।
दुर्घटनाओंकी आशंका बढ़ी
भद्रघाट पर दशहरा सहित अन्य त्योहारों में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं के विसर्जन के भारी संख्या में लोग जुटते हैं। जबकि छठ पूजा के मौके पर सभी तटों पर हजारों श्रद्धालु जुटते हैं। ऐसे में मिट्टी कटाई का मसला काफी गंभीर होता जा रहा है। धंधे में दबंग लोग की पैठ होने की बात प्रकाश में आई है। पिछले दिनों अनुमंडल प्रशासन ने मालसलामी थाना क्षेत्र में छापेमारी का अवैध मिट्टी कटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर जेसीबी मशीन बरामद किया दो लोगों को जेल भेजा है।
^इस मामले की जानकारी मिली है। थाना को सख्ती से कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में एसपी को भी सूचित किया जाएगा। एसडीओकिशोर कुमार प्रसाद
भद्र घाट से मिट्टी कटाई खतरनाक बना घाट
शाम पांच बजे से लेकर देर रात तक गंगा तटों पर गहमा-गहमी शुरू हो जाती है। एक के बाद एक ट्रैक्टर मिट्टी लेकर आते-जाते हैं। गंगा की छाती पर हर दिन धंधे से जुड़े दबंग माफिया कुदाल चला रहे हैं। इसके बाद ट्रैक्टरों पर लोड कर बेचने के लिए भेज रहे हैं। मुफ्त की मिट्टी बालू की कीमत एक हजार से 1500 रुपए ट्रैक्टर है। रात में परिचालन होने की वजह से नो इंट्री का भी भय नहीं होता है। ऐसे में भद्रघाट, महावीर घाट, दमराही घाट,सहित अन्य घाटों से हर रात अवैधरूप से कटाई हो रही है।