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80 लाख का पार्क पांच साल में कबाड़

7 वर्ष पहले
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पॉपकाॅर्न की दुकान

बंद फव्वारा

शिलापट्‌ट

टूटी लाइट

कंकड़बाग

कटिंग मशीन एक दिन में हो गई खराब

पंच शिव मंदिर के पीछे का पार्क

हालमें बने इस पार्क में अब तक लाइट का कनेक्शन नहीं किया गया है। बनने के बाद से इसमें तो घास कटिंग की गई है, ही मेंटनेंस का कोई अन्य काम नहीं किया गया है। पार्क अन्य से बेहतर हालत में है। बारिश में परेशानी होती है।

बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी पार्क

पार्कका निर्माण 2008-09 में नगर विकास विभाग के फंड से किया गया था। पार्क की स्थिति काफी हद तक ठीक दिखने के बारे में लोगों ने इसे खुद की मेहनत का नतीजा बताया। वैसे, पार्क का मेंटेनेंस का जिम्मा बिहार राज्य आवास बोर्ड के पास है। पार्क में शाम में परिवार के साथ भी लोग घूमने आते हैं।

एमआईजीएच पार्क कंकड़बाग

पार्कमें मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से बीच में गहरा गड्‌ढा बन गया है। बारिश के पानी से यह भरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मेंटेनेंस के नाम पर बाहर पेंटिंग कर बाहरी लोगों प्रवेश वर्जित कर दिया गया। पार्क के गेट के बाहर कूड़े का ढेर जमा रहता है। पार्क के अंदर जंगली घास को छोड़ एक भी पौधा नहीं है।

शिवाजी पार्क में केवल एक माली है। साफ-सफाई के अलावा घास कटिंग का भी जिम्मा भी उसी पर है। इसकी वजह से काफी समय से कटिंग आदि नहीं की गई है। माह भर पहले घास कटिंग के लिए एक मशीन लाई गई थी, वह एक दिन में खराब हो गई। कई जगह घास झाड़ियों में तब्दील हो गई है। खूबसूरती के लिए लगाया गया फाउंटेन आखिरी बार कब चला था, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। पार्क के अंदर कई जगहों पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है। पार्क के अंदर में काॅमर्शियल उपयोग भी किया जा रहा है। अंदर ही पाॅपकार्न की दुकान है। पार्क में लोगों की सुविधा के लिए लाइट लगाई गई थी। इसमें से ज्यादातर पोस्ट से सीएफएल गायब हैं। लाइट के खराब हुए साल भर से अधिक समय बीतने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। फोटो: आशीष

देवेंद्र तिवारी > पटना 8651992992

करीब80लाख की लागत से बना शिवाजी पार्क (कंकड़बाग) पांच साल में कबाड़ हो गया है। पार्क से रोजाना करीब दो हजार से 2500 की कमाई की बावजूद, इसका मेंटेनेंस नहीं हो रहा। यह शुल्क पार्क के मेंटेनेंस के नाम पर ही लिया जाता है। खासतौर पर बच्चों के खेलने के लिए जीप, कार और ड्रैगन सवारी खराब हो चुके हैं। इसके ल