हमें लिखें
हमें लिखें
Áआपभी हमें पत्र लिखें। हमारा पता है-
दैनिकभास्कर
आशाआर्केड, अनीसाबाद, पटना। आप हमें featuredesk.patna@dbcorp.in
परई-मेल भी कर सकते हैं।
हाथ कटे विकलांगो का नहीं बन पा रहा है आधार कार्ड
Áबिहार में हाथ कटे विकलांग छात्र जब आपना आधार बनाने जाते हैं, तो यह कहा जाता है कि आपका एक हाथ नहीं है, इसलिए आपका आधार कार्ड नहीं बनेगा। आधार कार्ड के लिए दोनों हाथ का होना आवश्यक है, लेकिन मेरा कहना यह है कि जिसके हाथ भगवान ने छिन लिये, वो कहां से लाए अपना हाथ। क्या कोई प्रमाण आदमी से बड़ा होता है? जब आदमी खुद खड़ा है, तो इसे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है। आदमी तो आपके सामने खड़ा है। आधार कार्ड होने के कारण कई छात्र परीक्षा से वंचित हो जाते हैं। यह विकलांगों के आधिकार हनन का मामला है। सरकार इस ओर ध्यान दे।
सौरभकुमार, कंकड़बाग।
रैगिंगपर रोक लगाए सरकार
Áएकप्रतिष्ठत स्कूल में एक छात्र के साथ रैगिंग की गई। उसे प्रताड़ित किया गया, जिससे उसने खुदकुशी की कोसिश की। यह खबर देश भर के अखबारों में छपी। इस कबर से अभिभावकों का चिंतित होना वाजिब है। अध्यापक अपशब्दों का बी प्रयोग करते हैं। पीटना, डराना भी चलता रहता है। इन सबका भी छात्रों पर बुरा असर पड़ता है। सरकार को कड़ा कानून बनाना चाहिए। जो बच्चे छात्रावास में रहते हैं, उनके अभिभावक तो ज्यादा ही चिंतित रहते हैं।
अंशूझा, अलीनगर, पटना।
पत्रकारिताकी पढ़ाई हो
Áपत्रकारिताके प्रति रुचि बड़ी है, इसीलिए प्रदेश के हर विवि में इसकी पढ़ाई शुरू हो चुकी है। कहीं यह प्रस्तावित है। आज जरूरत इस बात की है कि छात्रों को पत्रकारिता एक स्वतंत्र विषय के रूप में चुनने का अवसर मिले। इसके लिए यह जरूरी है कि पत्रकारिता की पढ़ाई इंटर के स्तर पर ही शुरू हो। राजेशकुमार सिंह, पर्यवेक्षणगृह, पटना।
आपकी चिट्ठी