पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मैं थोड़े दिनों के लिए ही मुख्यमंत्री : मांझी

मैं थोड़े दिनों के लिए ही मुख्यमंत्री : मांझी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मैंथोड़े दिनों के लिए ही मुख्यमंत्री हूं। 2015 में विधानसभा चुनाव है। महागठबंधन की सरकार बनती है तो कोई मुझे नेता बनाएगा नहीं। मेरी अपेक्षा भी नहीं है। लेकिन जबतक हूं दिल की बात कहूंगा। मेरे पास लाठी है अफसर। पर जनता के जज्बात को समझने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षकों के सम्मेलन में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा-मुुझे वही काम अच्छा लगता है, जिसे सब नहीं करना चाहता। हर कोई जातीयता करता है। मैंने इसे झेला है। मैंने जितनी गरीबी देखी है, शायद ही किसी ने देखी होगी। कॉलेज जब गया तो पहली बार चप्पल पहनी, वह भी टायर की।

5 मंत्रियों को बुलाया था, एक भी नहीं पहुंचे

सम्मेलनमें पांच मंत्रियों वृशिण पटेल, श्याम रजक, सम्राट चौधरी, वैद्यनाथ साहनी और श्रवण कुमार को आमंत्रित किया गया था। लेकिन, एक भी नहीं पहुंचे। मंत्रियों के इंतजार में सम्मेलन विलंब से शुरू हुआ। हालांकि सम्राट और रजक ने बाद में कहा-हमें आमंत्रण नहीं मिला था।

मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए भाजपा के बड़े नेता पर हमला किया। कहा- मुझे दिन-रात गाली देने वाले अपनी औरत को जाली सर्टिफिकेट पर प्रोफेसर बनाए हैं। दामाद को मेरा पीए बनाए जाने की जानकारी मुझे नहीं थी। पीए रखना मेरे पर्सनल सेक्रेटरी का काम है। कैबिनेट सेक्रेटेरियट को भी देखना चाहिए कि क्या नियम है। मेरी जानकारी में बात आई तो दामाद को हटाया। जहां तक भांजे की बात है, तो उसे नहीं हटाऊंगा। भांजा निजी परिवार का सदस्य नहीं होता। परिवार में बेटा, बेटी, बहू दामाद होते हैं। वैसे जोड़ेंगे तो मेरी जाति का हर आदमी कहीं कहीं से मेरा संबंधी निकल जाएगा।