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राजीवनगर: बंदोबस्ती शुल्क+ 34 हजार/कट्ठा = फ्री होल्ड
दीघाके राजीवनगर में बने घरों को फ्री होल्ड करने के लिए प्रति कट्ठा 34 हजार रुपए आवास बोर्ड को देने होंगे। यह राशि बंदोबस्ती शुल्क के अलावा होगी। राजीवनगर में करीब 10 हजार घर हैं। आवास बोर्ड फ्री हाेल्ड नीति के तहत राजीवनगर के बाशिंदो को पूर्ण मालिकाना हक देगा। फ्री होल्ड का मतलब है- स्थायी आवंटन। राजीवनगर के अलावा केशरीनगर और आशियाना-दीघा रोड के पूरब स्थित अधिगृहीत क्षेत्रों में बने घरों को भी फ्री होल्ड कराने के लिए इतनी ही रकम देनी होगी।
कंकड़बागका बाजार रेट विचाराधीन : कंकड़बाग,बहादुरपुर और लोहियानगर में बने आवास बोर्ड के मकानों को फ्री होल्ड कराने के लिए बाजार रेट का एक या दो प्रतिशत राशि बोर्ड को देनी होगी। फिलहाल बाजार रेट विचाराधीन है।
मुआवजे की दर : 27लाख प्रति कट्ठा
बाजाररेट : इसकानिर्धारण मुआवजे की दर और बंदोबस्ती शुल्क को जोड़कर किया जा सकता है। यानी दो कट्ठे तक पर बने घर का बाजार रेट करीब 34 लाख होगा।
फ्रीहोल्ड के लिए : इसकाएक फीसदी यानी 34 हजार रुपए देना होगा।
जिन मकानों की बंदोबस्ती हो जाएगी, उन्हें आवास बोर्ड नियमित लीज मानेगा। घरों को फ्री होल्ड (स्थायी आवंटन) करने के लिए निर्धारित रकम बोर्ड को देनी होगी। जमीन परिसंपत्ति के बाजार मूल्य का एक प्रतिशत एकमुश्त चुकाना होगा। बाजार मूल्य का निर्धारण आवास बोर्ड करेगा।
फ्री होल्ड नीति को सरकार की मंजूरी मिलने पर दीघा के निवासियों को लाभ मिलेगा। पहले मकानों की बंदोबस्ती अनिवार्य होगी। आवास बोर्ड के नियमित लीजधारक ही फ्री हाेल्ड हो सकेंगे। डीकेशुक्ला, एमडी,आवास बोर्ड
कैबिनेट से पास होने पर लागू किया जाएगा नियम
फ्रीहोल्ड नीति को कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद आवास बोर्ड की दीघा सहित राज्य की अन्य परिसंपत्तियों पर यह लागू हाे जाएगा।
बंदोबस्ती शुल्क : आशियाना-दीघारोड के पश्चिम 600 एकड़ में बने मकानों को नियमित करने के लिए दो कट्ठे तक पौने सात लाख रुपए प्रति कट्ठा बंदोबस्ती शुल्क लिया जा रहा है। वहीं, ढाई कट्ठे तक का बंदोबस्ती शुल्क आठ लाख रुपए प्रति कट्ठा है। इसी तरह तीन कट्ठे तक का शुल्क नौ लाख प्रति कट्ठा है।