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विभाग ने निगम से कहा- कचरे से बिजली बनाने के लिए कंपनी से जल्द करो एग्रीमेंट
शहर के बाहरी छोर पर बनेंगे तीन डंपिंग यार्ड
राकेश रंजन|पटना@ranjanrakesh27
शहरमें जहां-तहां कूड़ा पसरे रहने के कारण होने वाली परेशानियों से जल्द लोगों को राहत मिल सकती है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। मास्टर प्लान के तहत भविष्य में शहर के होने वाले विस्तार को देखते हुए तीन नए डंपिंग यार्ड बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। ये डंपिंग यार्ड शहर के अलग-अलग कोने पर स्थित होंगे। पटना सिटी, मसौढ़ी और दानापुर से बिहटा के बीच इसे बनाने पर विचार हो रहा है। कूड़ा फेंकने के लिए चिह्नित केंद्र से पहले इन डंपिंग यार्ड तक ही नगर निगम द्वारा कचरा गिराया जाएगा। यहां से बिजली या खाद बनाने वाली कंपनी इसे अपने पास मंगाएगी।
कचरेकी होगी छंटनी
डंपिंगयार्ड में ही कचरे की छंटनी कर ली जाएगी। बिजली बनने लायक कचरा, खाद के उपयोग के लिए आने वाला कचरा और वेस्ट कचरा की छंटनी करने के बाद इसे कचरा प्रबंधन प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। डंपिंग यार्ड की घेराबंदी इस तरह से की जाएगी कि आस-पास के लोगों को परेशानी हो। हालांकि, जगह तलाशने के पहले इस बात पर विशेष ध्यान देना है कि दो-तीन किमी के दायरे में घनी आबादी हो। नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जगह चिह्नित हो जाने के बाद प्रदूषण नियंत्रण परिषद से एनओसी लेने और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही डंपिंग यार्ड को अंतिम रूप दिया जाएगा।
समिति में भी हुआ विमर्श
अधिकारियोंने बताया कि पटना मास्टर प्लान 2031 के प्रारूप पर प्राप्त आपत्तियों को निबटाने के लिए गठित समिति की बैठक में भी इस बिंदु पर चर्चा हो चुकी है। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कचरे को डंप करने के लिए तीन-चार जगहों पर जगह चिह्नित की जाए। यहीं से फिर कचरे को बैरिया स्थित प्रबंधन प्लांट पहुंचाया जाए।
लोगोंको मिलेगी राहत
अभीनिगम ने गर्दनीबाग सरकारी अस्पताल के करीब ही डंपिंग यार्ड बना दिया है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। हार्डिंग रोड, सैदपुर, कमला नेहरू नगर और बायपास भी डंपिंग यार्ड के कारण नरक बन चुका है। नया डंपिंग यार्ड बनने से लोगों को इससे भी राहत मिल जाएगी।
कचरा के अलावा पैसे भी देने होंगे कंपनी को
{700 मीट्रिकटन कचरा हर दिन प्लांट को देना होगा { 500मीट्रिकटन कचरा की न्यूनतम जरूरत होगी {333 रुपए टन के हिसाब से 500 मीट्रिक टन का पैसा बुडको कंपनी को देगा।
किलोवाट औसतन हर घर में उपयोग होती है बिजली
मेगावाट बिजली उत्पादन होगा प्लांट बनने के बाद
कचरे से बिजली बनाने की योजना 248 करोड़ रुपए की है। पिछले साल 18 दिसंबर को बुडकाे ने सुनील हाईटेक कंपनी से एग्रीमेंट किया था। यह कंपनी पटना ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।
हरकत में आया निगम
विभागसे पत्र मिलने के बाद नगर आयुक्त शीर्षत कपिल अशोक ने एग्रीमेंट को अध्ययन करने के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई है। तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट भी मांगी है।
निगमने नहीं सुनी तो बुडको ने विभाग से कहा
प्रोजेक्टशुरू करने को लेकर एग्रीमेंट के लिए बुडको ने दिसंबर 2014 और जनवरी 2015 में नगर आयुक्त को पत्र लिखा था। लेकिन, निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की तो बुडको ने 24 जनवरी 2015 को नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को पत्र लिखा।
कहांसे आएगा कचरा
निगमक्षेत्र के अलावा फुलवारी, दानापुर, खगौल से
घरों को बिजली मिलेगी इस हिसाब से