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तीन और रूटों पर चलेंगी सरकारी बसें

7 वर्ष पहले
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15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों को छह माह में बदलना होगा

फिटनेस प्रमाणपत्र में बड़े पैमाने पर घालमेल

राजधानीमें नगर सेवा की सरकारी बसों के रूट में विस्तार किया जा रहा है। अब बसों का परिचालन पूर्व में निर्धारित रूट नंबर पांच, छह और रूट नंबर 31 पर जल्दी ही शुरू किया जाएगा। बिहार अरबन ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के अधिकारी बताते हैं कि शहर में कुल 17 रूटों पर बसों का परिचालन किया जाना। जिसमें सुविधा के अनुसार बसों का परिचालन शुरू किया जा रहा है। नगर सेवा की सरकारी बसों की शुरुआत 14 अगस्त को हुई थी। उस समय रूट नंबर दाे पर बसों का परिचालन शुरू हुआ, जिसमें गांधी मैदान से दानापुर भाया बेली रोड सेवा शुरू हुई। फिर गांधी मैदान से दानापुर भाया कुर्जी, दीघा सेवाएं बसें शुरू की गई।

इनरूटों पर शुरू होगा परिचालन

अगलेएक सप्ताह में तीन और अलग रूटों पर बसों का परिचालन शुरू होगा, जिसमें रूट नंबर पांच में सात बसें चलेंगी। जिनको गांधी मैदान से खगौल भाया कालीमंदिर, मैनपुरा, कुर्जी, आईटीआई, दीघा, नासरीगंज, तकिया तक चलाया जाएगा। वहीं, मीठापुर से अगमकुआं तक आठ बसों का परिचालन होगा। जो गांधी मैदान से करबिगहिया, राजेंद्रनगर, बहादुरपुर, नया टोला, कुम्हरार, अगमकुआं तक चलेंगी। गांधी मैदान से नौबतपुर भाया दानापुर तक पांच बसों का परिचालन किया जाएगा।

वहीं शहर के किसी भी रूट पर चलने वाली बसों का अधिकतम किराया 15 रुपए है। ट्रांसपोर्ट अधिकारी ने बताया कि इन रूटों पर किराए का निर्धारण जिसमें चार रुपए, पांच रुपए, सात रुपए, नौ रुपए से लेकर 11 रुपए और अधिकतम 15 रुपए किराया वसूला जाएगा।

कार्यालय में व्यस्तता के कारण प्रतिदिन बसों की जांच करना संभव नहीं हो पाता है। कभी-कभी टीम बनाकर सिटी बसों के फिटनेस की जांच होती है। नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है। अमिताभ कुमार, एमवीआई

पूरे शहरी परिक्षेत्र के विभिन्न रूटों पर 390 के लगभग सिटी बसें चलती हैं। विभाग की ओर से सिटी बसों को एक वर्षों के लिए फिटनेस परमिट दिया जाता है। नियमानुसार 15 वर्ष से अधिक उम्र की बसों को सड़कों पर चलने का परमिट नहीं दिया जाना है। वहीं 390 सिटी बसों में 15 बसें 15 वर्ष से अधिक उम्र की हैं। जिनको सड़क पर चलने का परमिट नहीं दिया जा सकता है, लेकिन उनका परिचालन किया जा रहा है। वहीं 20 बसें ऐसी है, जिनकी उम्र 10 वर्ष से अधिक है।