एक विभाग में 3 महीने तक ही ड्यूटी
पीएमसीएचमें कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ड्यूटी किसी वार्ड या फिर किसी विभाग में तीन महीने तक ही लगेगी। तीन महीने के बाद कर्मचारी दूसरे विभाग या वार्ड में ड्यूटी करेंगे। इतना ही नहीं तीन महीने तक किसी एक शिफ्ट में कर्मचारी ड्यूटी नहीं करेंगे। एक महीना दिन में तो दूसरे महीने दोपहर में तो तीसरे महीने रात्रि पाली में ड्यूटी लगेगी और चौथे महीने इनका विभाग या फिर वार्ड बदल जाएगा। मंगलवार को अस्पताल प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उपाधीक्षक डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि एक अक्टूबर से सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ड्यूटी और विभाग बदल जाएगा। डॉ. सिंह के मुताबिक तीन महीने से अधिक किसी भी विभाग में किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगेगी।
कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो लंबे समय से एक ही विभाग में कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि लंबे समय से एक ही विभाग में कार्यरत होने से इन कर्मचारियों की मनमानी चलने लगती है।
शिशु विभाग में वार्ड अटेंडेंट द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने के लिए पैसे की मांग करने और रोशन कुमार मौत होने पर अस्पताल सतर्क हुआ और कर्मचारियों के विभाग बदलने का निर्णय लिया है।
अस्पातल प्रशासन का मानना है सारी व्यवस्था होने के बावजूद इस तरह की छोटी-छोटी घटनाओं से अस्पताल की बदनामी हो रही है। इससे इस तरह की गतिविधियों पर लगाम जरूरी है। उसी का अंजाम है कि अब सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का विभाग एक अक्टूबर से बदल जाएगा। विभाग बदलने के फैसले पर अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद ने भी अपनी मुहर लगा दी है। हालांकि इस फैसले लंबे समय से एक विभाग में जमे कर्मचारियों में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उपाधीक्षक ने कहा कि हीमोफीलिया मरीज के परिजन से दवा देने के लिए पैसे की मांग करने वाले आरोपी कर्मचारी को मंगलवार तक जवाब देने का समय दिया गया था। बुधवार को उस पर भी निर्णय ले लिया जाएगा।
पीएमसीएच की सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश वीएन सिन्हा से आदेश मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में गया है। हर विभाग की समीक्षा शुरू हो गई है। न्यायाधीश के आदेश की जानकारी देने के लिए बुधवार को बैठक बुलाई गई है। इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा ने नोटिस भिजवा दिया है। बुधवार को आयोजित विभागाध्यक्षों की बैठक में उन्हें बता दिया जाएगा कि अस्पताल