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अधूरे काम का 40 लाख भुगतान पार्क की फाइल दबाए रहे अफसर

7 वर्ष पहले
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पार्क का काम पूरा नहीं होने की वजह से किसी एजेंसी ने पार्क का मेंटेनेंस नहीं लिया। नगर विकास विभाग के के आदेश के मुताबिक इस पार्क को बुडको को सौपा जाना है। ऐसे में दोबारा कार्य हुए वाले हिस्से को पूरा मान मेंटेनेंस करा पार्क को बुडको को सौंपने की प्रक्रिया हो या फिर दोबारा बचे काम के लिए टेंडर जारी कर काम कराया जाए। इसके बाद ही पार्क का उपयोग संभव है।

फाइल निकाल कर कार्रवाई की जाएगी

^तीनसाल से काम बंद है। अब दोबारा फाइल को निकालकर कार्रवाई की जाएगी। निर्माण वाले हिस्से और अन्य का जो भी समाधान निकलेगा, उसे जल्द कराया जाएगा। संजयकुमार, कार्यपालकअभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, दानापुर प्रमंडल

पार्क के गेट को अगर आप इस तस्वीर में ढूंढ़ सकें तो बड़ी बात होगी। गंदगी के ढेर को कूड़ा कहते हैं। इसलिए कूड़े का ढेर सही नहीं और अतिक्रमण ने इसे बर्बाद कर दिया है।

क्या इस फोटो को देखकर कोई मान सकता है कि यह राजधानी के एक पार्क की तस्वीर है। मैकडॉवेल गोलंबर से रामअवतार शास्त्री गोलंबर के बीच यह पार्क बनते-बनते रह गया और डीबी स्टार ने पड़ताल की तो सामने आया कि संवेदक ने आधा काम का पैसा लेकर इसे यूं ही छोड़ दिया था।

डीबी स्टार > पटना

मैकडॉवलगोलंबरसे रामअवतार शास्त्री गोलंबर तक पार्क का काम संवेदक ने अधूरा छोड़ दिया था। अधूरे छोड़े पार्क के निर्माण के नाम पर बिल का भुगतान भी हो गया। तब से कई कार्यपालक अभियंता आए-गए, लेकिन किसी ने पार्क के अधूरे होने के आधार पर संवेदक या इसके जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की बल्कि फाइल को ही दबा दिया था। डीबी स्टार की लंबी पड़ताल के बाद ग्रामीण कार्य विभाग ने इसकी फाइल निकाली। इसके मुताबिक सभी मंजूरी और फंड के बावजूद काम नहीं हुआ।

काम पूरा नहीं होने की वजह से किसी भी एजेंसी ने पार्क को मेंटेनेंस के लिए लेने से साफ इनकार कर दिया। इसी वजह से तीन साल से यह पार्क बंद पड़ा है। निर्माण के बाद एक भी दिन इस पार्क का उपयोग नहीं हुआ और इसमें चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। चारदीवारी टूटने की वजह से पार्क में मवेशियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। अधिकारी इनकार करते हैं, लेकिन पार्क के एक गेट पर ताला लगा है और दूसरा गेट टूटा हुआ है।

फाइलों में पार्क के काम के बंद होने की तारीख 6 जनवरी 2011 दर्ज है। इसके बाद इस पार्क की ओर किसी भी कार्यपालक अभिय