पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नीतीश को नेता की मान्यता देने का स्पीकर का निर्णय अवैध : हाईकोर्ट

नीतीश को नेता की मान्यता देने का स्पीकर का निर्णय अवैध : हाईकोर्ट

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मांझी या नीतीश, फैसला 20 को

130 विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे नीतीश, प्रणब से मिले

बिहारमें जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने रहेंगे या जाएंगे, इसका फैसला 20 फरवरी को हो जाएगा। यानी 9 दिन मांझी की कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। इसी दिन बजट सत्र शुरू हो रहा है। पहले राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी अभिभाषण पढ़ेंगे।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को अिभभाषण के तत्काल बाद विश्वास प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पीकर से कहा है कि विश्वास प्रस्ताव पर फैसला ध्वनिमत से नहीं होगा। चर्चा के बाद मत विभाजन या गुप्त मतदान कराएं। अगर गुप्त मतदान होता है तो वोटों की गिनती सदन में सदस्यों की उपस्थिति में ही होगी। राज्यपाल ने परिणाम की सूचना तत्काल उन्हें देने का निर्देश भी दिया है।

मांझीसरकार का अभिभाषण पढ़ेंगे राज्यपाल : राज्यपालमांझी सरकार द्वारा तैयार अभिभाषण ही पढ़ेंगे। हालांकि दिल्ली में नीतीश ने इस पर सवाल उठाया और कहा-काम हमें करना है तो अभिभाषण भी हमारी सरकार का ही होना चाहिए। हालांकि तथ्य यह है कि 7 फरवरी की कैबिनेट में जो पहला प्रस्ताव था वह राज्यपाल के अभिभाषण की मंजूरी का था। इस पर कोई विवाद नहीं था। विस भंग करने के प्रस्ताव पर नीतीश समर्थक मंत्रियों ने वाक आउट किया था।

धैर्यरखें नीतीश : इससेपहले राष्ट्रपति भवन तक विधायकों की परेड कराने पर राज्यपाल ने कहा था कि नीतीश को धैर्य रखना चाहिए। मैं उचित समय पर फैसला लूंगा। नौ फरवरी को ही उन लोगों ने अपनी मांग मेरे समक्ष रखी है। इतनी हड़बड़ी क्यों है? राज्यपाल हो या न्यायिक विशेषज्ञ सभी को समय चाहिए। नीतीश के नेता चुने जाने पर हाईकोर्ट का निर्णय आया है। इसको भी देखूंगा, फिर निर्णय लूंगा। पढ़िएपेज 4 भी

लंबी लड़ाई की घोषणा : नीतीश-लालूने बिहार में भाजपा के साथ लंबी लड़ाई की घोषणा की। दोनों ने साझे में नारा भी गढ़ा-दिल्ली में भाजपा हारी है, अब बिहार की बारी है। लालू ने कहा-हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। राष्ट्रपति को सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने ज्ञापन सौंपा।

राजीवरंजन ने कहा-दिल्ली गए विधायकों में 16 मेरे जासूस : जदयूके बागी विधायक राजीव रंजन ने कहा-नीतीश के साथ दिल्ली गए 130 विधायकों में 16 मेरे जासूस हैं। मांझी खेमे में 143 विधायक हैं, हम यह सदन में साबित कर देंगे।

12 मिनट की चर्चा : राष्ट्रपतिसे मिलने के लिए मुलायम, शरद, लालू, नीतीश, सीपी जोशी, वशिष्ठ नारायण, आरसीपी, सदानंद, अशोक चौधरी, सुबोध राय, केसी त्यागी, प्रेम गुप्ता और दुलालचंद गोस्वामी अंदर गए। बाकी विधायक बाहर रहे।

लालू बोले- हम पप्पू की नहीं सुनते

^लालूने पप्पू यादव के मांझी के पक्ष में खड़े होने के सवाल पर कहा कि पप्पू यादव विधायक नहीं, सांसद हैं। पप्पू यादव क्या बोलते हैं। हम नहीं सुनते हैं।

हाईकोर्ट ने की संविधान की रक्षा : पप्पू

^राजदसांसद पप्पू यादव ने कहा कि हाईकोर्ट ने संविधान के चीरहरण की कोशिश को नाकाम कर दिया। स्पीकर ने संविधान की अनदेखी की। बहुमत विधानसभा में तय होता है। परेड की जरूरत नहीं है। कुछ लोग मांझी सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। हाईकोर्ट के निर्णय से उनके प्रयासों को धक्का लगा है।

नेता चुने जाने पर नहीं की आपत्ति

^कोर्टने ना तो विधानमंडल दल की बैठक पर एतराज जताया है और ही नीतीश के नेता चुने जाने पर। सिर्फ स्पीकर द्वारा नीतीश को दी गई मान्यता पर राज्यपाल के फैसले तक रोक लगाई है। प्रजातंत्र में आंकड़े का महत्व है। 130 विधायक नीतीश के साथ हैं। -पीकेशाही, जदयू नेता

अदालत ने कोई फैसला नहीं दिया है

^भ्रांतिफैलाई जा रही है कि कोर्ट ने मेरे फैसले को गलत ठहराया। अदालत ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। हमारा फैसला कानून सम्मत है। जदयू प्रदेश अध्यक्ष के पत्र पर नीतीश को नेता की मान्यता दी गई। उन्होंने नीतीश को नेता चुने जाने की बात कही थी। -उदयनारायण चौधरी, स्पीकर