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मांझी को दो-तीन माह ऐसे ही छोड़ देते, तो क्या हम बच पाते : नीतीश

6 वर्ष पहले
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गुप्त मतदान का नियम नहीं, लॉबी डिवीजन से होगा फैसला

किसानों को देंगे मुफ्त बिजली : मांझी

मुख्यमंत्रीजीतन राम मांझी ने गुरुवार को किसानों और शिक्षकों को बड़ी सौगात का एेलान किया। कृषि यांत्रिकीकरण मेले के उद्‌घाटन के मौके पर कहा-5 एकड़ तक जमीन वाले किसानों को सरकार मुफ्त बिजली देगी। आगे 10 एकड़ भूमि वाले किसानों को भी इस दायरे में लाया जाएगा। एससी-एसटी किसानों को कृषि यंत्र खरीद पर 50 की जगह 80% अनुदान दिया जाएगा।

गांधी मैदान में मांझी ने कहा-सूबे के वित्तरहित माध्यमिक स्कूलों का सरकारीकरण होगा। इनके शिक्षकों को नियोजित शिक्षकों जितना वेतन देंगे। इसके लिए 1993 के एक्ट का सेक्शन तीन का प्रावधान खत्म करेंगे। प्रावधान है कि किसी निजी-संबद्ध विद्यालय का अब अधिग्रहण नहीं होगा। इसपर 90 करोड़ खर्च आएगा। मांझी बोले-मुझे 20 फरवरी तक मौका मिला है। शेषपेज|13 पर







किसानों को देंगे...









इसकेपहले मैं इसे कैबिनेट से भी पास कराऊंगा। 20 के बाद सीएम रहा तो आगे और सुविधा दूंगा। वे बिहार प्रदेश माध्यमिक शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के 14वें स्थापना दिवस पर बोल रहे थे। विदित हो कि राज्य में 715 वित्तरहित माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें 8000 शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी कार्यरत हैं।

किसानों के खाते में जाएगा अनुदान

मांझी ने कहा कि योजना मद की पूरी राशि खर्च नहीं हो पाती है। सभी विभागों में एससी-एसटी के लिए 16 प्रतिशत राशि का अलग से प्रावधान है। इस राशि का सही उपयोग के लिए अधिक अनुदान देने में कोई परेशानी हो सकती है। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को आदेश दिया कि एससी-एसटी किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान देने संबंधी प्रस्ताव बनाएं। कृषि यंत्र में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए अनुदान की राशि कृषि यंत्र निर्माता को नहीं देकर किसानों के खाते में सीधे भेजा जाए। अधिकारी यह देख लें कि किसान ने कृषि यंत्र खरीद लिया है।

आगे की रणनीति : जदयूने विपक्ष में बैठने की ठानी है। यानी तीन मंत्री विपक्ष में गिने जाएंगे। उनपर व्हिप लागू होगा। अनदेखी पर सदस्यता जाएगी। मांझी ने श्रवण कुमार के रहते राजीव रंजन को मुख्य सचेतक बना दिया है। हालांकि विधानसभा ने उन्हें अधिसूचित नहीं किया है। ऐसे में राजीव की व्हिप की वैधता सवालों में है।

लॉबी डिवीजन की प्रक्रिया : सदनमें प्रस्ताव के पक्ष में हां और ना के निर्धारण हेतु स्पीकर सचिव को 3 मिनट विभाजन घंटी बजाने का निर्देश देंगे। फिर लॉबी से सदन में आने के प्रवेश द्वार बंद किए जाएंगे। अध्यक्ष हां और ना पक्ष वालों को सदन से सटी लॉबी में जाने का निर्देश देंगे। हर पक्ष के लिए अधिकतम दो गणक नियुक्त होंगे। ये हस्ताक्षर लेंगे। सदस्य सदन में आएंगे। फिर स्पीकर रिजल्ट की घोषणा करेंगे।

जुलाई,1997 में ऐसे ही हुआ था राबड़ी को बहुमत का फैसला।

मांझी 20 को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विश्वास मत हासिल करेंगे। राज्यपाल ने दो सुझाव दिए हैं। लॉबी डिवीजन हो या गुप्त मतदान। नियमों के मुताबिक गुप्त मतदान नहीं होगा। क्योंकि विधानसभा प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 56 के तहत गुप्त मतदान का नियम नहीं है। यानी लॉबी डिवीजन से फैसला होगा।

सीएम ने पहले खुद को नेवला बताया : जबनेवला और सांप में लड़ाई होती है, तो अंतत: जीत नेवले की ही होती है। नेवले को जब सांप काट लेता है, तो वह औषधीय पौधे या घास में मुंह रगड़ लेता है। फिर आकर लड़ता है और आखिर सांप को मार ही देता है।

फिरमुर्गा : मांझीबोले-सभी जानते हैं कि राजनीतिक अस्थिरता किसने पैदा की है। मैं ऐसा मुर्गा हूं, जिसकी गर्दन मरोड़ी जा रही है, पर मैं टस से मस नहीं हो रहा हूं। मैं यह जान जाऊं कि कल मेरा खात्मा होने वाला है, तब भी मैं अंतिम दिन तक डट के काम करूंगा।

1 चौंकाने वाला खुलासा

मेरेपास भी पहुंचता है कमीशन का पैसा : मांझी

मांझीने कहा- इंजीनियर और टेक्नोक्रेट ठेकेदारों को कमीशन देते हैं। मुझ तक भी कमीशन पहुंचता है। मैं इसे रोकूंगा। ठेकेदार के पेट में जाने दूंगा अपने। इससे शिक्षकों को वेतन दूंगा। मैंने यही रोकना चाहा तो मुझे हटाने की बात होने लगी। वृशिण पटेल ने कहा मांझी को हटाने वालों की छाती पर मूंग दर कर ये राज करेंगे।