पार्क मनोरम बना तो प्रवेश प्रतिबंधित
सगुना मोड़ | पांचकरोड़ का पार्क कभी नहीं खुला
कंकड़बाग | मंजूकुमारी सिन्हा स्मृति पार्क
चितकोहरा शिवपुरी बेऊरमोड़ के पास पार्क
लोहिया उद्यान कंकड़बाग | यहांपरिवार के बिना पुरुषों का प्रवेश निषेध
पार्क का निर्माण पथ निर्माण विभाग ने कराया था। डीबी स्टार ने इस बाबत 27 मार्च को पांच करोड़ से बनाया पार्क दो महीने बाद ताला बंद शीर्षक से प्रकाशित किया था, तब पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जल्द निदान की बात की थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया।
बिहार के सौवें स्थापना दिवस पर सगुना मोड़ (दानापुर) पर पांच करोड़ की लागत से बना पार्क हमेशा बंद रहता है। 24 अक्टूबर 2011 को पार्क का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किया था। दो माह बाद मेंटेनेंस के नाम पर इसे बंद कर दिया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प|ी के नाम पर बना यह पार्क चकाचक है। प्रवेश शुल्क दो रुपए है। यह नियम माॅर्निंग वॉक के दौरान भी लागू है। ऐसे में पार्क का उपयोग गिने चुने लोग ही कर पाते है। लाखों की लागत से बना यह पार्क शो पीस बना हुआ है। पार्क का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने किया था। मेंटेनेंस का काम एक निजी कंपनी को दिया गया है।
पूरी तरह से चकाचक इस पार्क में पुरुषों का अकेले जाना वर्जित है। इसके लिए बाकायदा बोर्ड भी लगाया गया है। बोर्ड पर साफ-साफ लिखा है कि महिलाएं और दस वर्ष तक के बच्चे प्रवेश कर सकते हैं। पुरुष प्रवेश सिर्फ पारिवारिक महिलाओं एवं बच्चों के साथ संभव होगा। पार्क में मॉर्निग वॉक के दौरान इंट्री फ्री रहती है। बाकी समय में पार्क में इंट्री के लिए शुल्क लिया जाता है। शाम में शुल्क का नियम लागू होने से स्थानीय लोगों को पार्क से कोई फायदा नहीं मिल पाता है।
मेंटेनेंस का काम चल रहा है
^पार्कोंके हस्तांतरण की प्रक्रिया के बाद काम किया जा रहा है। लेकिन, जरूरी संसाधनों की कमी के कारण कुछ जगहों पर परेशानी है। डीकेशुक्ला, एमडीबुडको, बिहार राज्य आवास बोर्ड पटना
बाहर से देखने में सुंदर दिखने वाले पार्क में शाम का आनंद नहीं ले सकते है। हाल में ही बने इस पार्क में कई महीनों से लाइट बंद है। पड़ताल में सामने आया कि पार्क में बिजली के लिए लगे पोल में एक दो बार करंट आया था, इसकी वजह से लाइट का कनेक्शन काट दिया गया। पार्क में लगे झरने से निर्माण से एक दो माह तक हीं पानी गिरा था। फव