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ए ग्रेड नर्स की हड़ताल: पुर्जा दिखाने, सूई दिलाने को भटके मरीज के परिजन

7 वर्ष पहले
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पटना. पीएमसीएच में संविदा पर कार्यरत नर्स दूसरे दिन भी एक सूत्री मांग को लेकर हड़ताल पर रहीं। शनिवार को हड़ताल में इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल और गया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संविदा पर कार्यरत नर्सें भी शामिल हो गईं। इससे नर्सिंग व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

प्रधान सचिव से वार्ता विफल
शनिवार शाम में प्रधान सचिव से नर्सोँ की वार्ता विफल रही। प्रधान सचिव दीपक कुमार ने कहा कि आठ अक्टूबर को इंटरव्यू होगा। जरूरी नहीं है कि सभी का चयन हो ही जाएगा। इस पर नर्सें भड़क गईं और हड़ताल जारी रखने का एलान किया। हालांकि, पीएमसीएच प्रशासन का दावा है कि फिलहाल ऐसी कोई परेशानी नहीं है। एनएमसीच में भी नर्सों ने अधीक्षक का घेराव किया। यहां संविदा पर 270 नर्सें हैं।

अधिक परेशानी इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में भर्ती मरीजों को हो रही है। जहां एक वार्ड में आठ से दस नर्सों की ड्यूटी लगती थी, वहां एक या दो नर्सों से काम चलाया जा रहा है। पीएमसीएच में मरीज के परिजन सुई देने के लिए इंतजार करते रहे। नर्स प्रमिला का कहना था कि नियुक्ति पत्र मिलने पर ही हड़ताल खत्म होगा। इतने वर्षों तक सेवा लेने के बाद अब कहा जा रहा है कि इंटरव्यू देना होगा। इंटरव्यू नहीं, अब नियुक्ति पत्र चाहिए। नियुक्ति पत्र मिलने पर ही हड़ताल खत्म होगा।
बिना इंटरव्यू नियमित करना संभव नहीं
उधर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थायी नौकरी के लिए सरकारी प्रक्रिया है। उसे तो पूरा करना ही होगा। बिना इंटरव्यू नियमित करना संभव नहीं है। कर्मचारी चयन आयोग ने संविदा पर बहाल नर्सों का इंटरव्यू लेने के लिए आठ अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। इसकी जानकारी उन्हें दे दी गई है। इसके बावजूद नर्स हड़ताल पर अडिग हैं। अस्पताल प्रशासन और कुछ नहीं कर सकता। अब सरकार ही कुछ कर सकती है। सरकार भी नियम के तहत जो करना होगा, करेगी।

धरना के साथ नारेबाजी भी
प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा ने कहा कि स्थायी और प्रशिक्षु नर्सों को तैनात किया गया हैं। फिलहाल, इन्हीं लोगों से काम लिया जा रहा है। समझाने के बाद भी हड़ताली नर्स काम पर नहीं लौटी। इस बाबत मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार से मिलेंगे और स्थिति से अवगत कराएंगे। उनसे आदेश मिलने पर ही कोई कार्रवाई की जीएगी। उधर, शुक्रवार सुबह से ही संविदा पर कार्यरत नर्सें काम बंद कर धरने पर बैठी हैं। बीच-बीच में नारेबाजी हो रही है। वी वांट जस्टीस जैसे नारे लगा रही हैं।
पीएमसीएच: सिविल सर्जन ने दिए 40 नर्स
पटना. सिविल सर्जन डॉ. केके मिश्रा ने पीएमसीएच को 25 और एनएमसीएच को 15 नर्स दिए हैं। डॉ. मिश्रा के मुताबिक इनमें से कई नर्सों ने ज्वाइन कर लिया है और शेष नर्स रविवार तक तैनात हो जाएंगी। इन्हीं दोनों अस्पतालों से नर्सों की मांग की गई थी। नर्सों की कमी है, फिर भी जरूरी था कि वहां नर्स को तैनात होने के लिए आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान से नर्स की मांग नहीं की गई है। आईजीआईसी के प्रभारी निदेशक डॉ. हरेंद्र प्रसाद के मुताबिक स्थायी नर्सों से फिलहाल काम चलाया जा रहा है। यदि जरूरत पड़ेगी, तो नर्स की मांग की जाएगी।
(फोटो-हक के लिए लड़ते रहेंगे.... अपनी मांगों को लेकर एनएमसीएच में प्रदशर्न करतीं नर्सें ।)