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ए ग्रेड नर्सों की हड़ताल से दिनभर मरीज-तीमारदार परेशान, देर रात नर्सों ने वापस ली हड़ताल

7 वर्ष पहले
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पटना. पीएमसीएच और एनएमसीएच में ए ग्रेड नर्सों की हड़ताल की वजह से तीसरे दिन नर्सिंग व्यवस्था चरमरा गई हैं। मरीज परेशान थे। दवाओं के बारे में जानकारी लेने के लिए, पुर्जा दिखाने के लिए मरीजाें के परिजन इधर-उधर भटक रहे। लेकिन, रविवार देर रात को प्रधान सचिव दीपक कुमार से आश्वासन मिलने के बाद नर्साें ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। प्राचार्य ने प्रधान सचिव से फोन पर नर्सों की बात करवाई।
रविवार को दिनभर स्थिति यह रही कि मरीजों को चढ़ाए जा रही स्लाइन को तीमारदार ही देख रहे हैं कि बोतल में कितना पानी है। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल की अनुबंध पर कार्यरत 243 नर्सें भी हड़ताल पर चली गईं। नर्स अपनी नौकरी नियमित करने की मांग पर अड़ी हुई थीं। जबकि अस्पताल प्रशासन ने कहा था सरकारी नियम के अनुसार इंटरव्यू की प्रक्रिया से गुजरना ही होगा। आठ तारीख को सभी नर्सें आएं और प्रकिया के तहत साक्षात्कार दें।
ए ग्रेड नर्सें देंगी साक्षात्कार
प्रधान सचिव के साथ वार्ता में आश्वासन दिया गया है कि संविदा पर नियुक्त ए ग्रेड नर्सों का इंटरव्यू आठ अक्टूबर से शुरू होगा। उसी दिन से उन्हें नियुक्ति पत्र भी दे दिया जाएगा। साक्षात्कार व नियुक्ति की प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाएगी। रविवार की देर रात तक चली बैठक में प्रधान सचिव दीपक कुमार ने कहा। यह प्रक्रिया बिहार में संविदा पर कार्यरत ए ग्रेड नर्सों के लिए लागू होगा।
यह जानकारी नर्स यूनियन की रूबी कुमारी व प्रमिला कुमारी ने दी। यूनियन का कहना है कि अगर 15 अक्टूबर तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो वे उसी दिन से दोबारा हड़ताल पर चली जाएंगी। रविवार देर रात तक चली बैठक में प्राचार्य डॉ. एसएन सिन्हा, अधीक्षक डॉ. लखींद्र प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ. सुधांशु सिंह, अस्पताल प्रशासक आलोक रंजन आदि मौजूद थे।
मंत्री ने बुलाया तो नहीं गई थी नर्सें : दिन में मंत्री रामधनी सिंह ने ए ग्रेड की नर्सों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। लेकिन नर्सें नहीं आईं। मंत्री ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल आता है तो हम सकारात्मक वार्ता कर समस्या का समाधान करेंगे।
सचिव ने दिन में चेताया था
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार ने दिन में चेताया था कि हड़ताली नर्सों पर अब अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। अगर वे जिद पर अड़ती हैं तो खामियाजा भी भुगतना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने की थी नर्सों से अपील
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नर्सों से अपील की है कि आम लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए तत्काल हड़ताल समाप्त कर दें। सरकार उनकी वाजिब मांगों पर अवश्य विचार करेगी।
(देररात मांग पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद नर्सों ने हड़ताल तोड़कर खुशी मनाई)