पटना. वाणिज्य महाविद्यालय के एमकॉम के छात्र अभिषेक कुमार को सिक्कों के संग्रह का शौक है। उनके निजी संग्रह में क्वार्टर आना से लेकर 50 रुपए तक के सिक्के हैं। ये सिक्के 1818 से लेकर 2014 के बीच जारी किए गए हैं। अपने शौक के बारे में अभिषेक ने बताया कि उन्हें इसकी प्रेरणा अपनी दादी से मिली। उनकी दादी को सिक्के जमा करने का शौक था। उन्होंने अपने संग्रह में और विभिन्न मूल्यों के आना वाले सिक्के (क्वार्टर, आधा और एक आना) और एक, दो, तीन और पांच पैसा जैसे अप्रचलित सिक्के जमा कर रखे थे। उनकी देखा-देखी अभिषेक ने भी सिक्के संग्रहित करना शुरू किया।
25 पैसे, 50 पैसे या एक रुपए के सिक्के जो उन्हें बचपन में पॉकेट मनी के रूप में दिए जाते थे, उसे खर्च करने की बजाए वे संग्रहित कर लेते थे। 2004 में उनकी दादी का देहांत हो गया। इसी के साथ उन्हें अपनी दादी का पूरा संग्रह मिल गया। साथ ही इसे बढ़ाने की प्रेरणा भी जगी। बड़े होने के बाद जैसे-जैसे सिक्कों के बारे में उनकी समझ बढ़ी, उसके शौक ने और भी रफ्तार पकड़ा। पिछले तीन-चार वर्षों से उन्होंने अपने संग्रह को व्यवस्थित करने पर ध्यान देना शुरू किया है। अभिषेक भविष्य में अपने संग्रह को इतना समृद्ध बनाना चाहता है कि लोग इनको देखने के लिए दूर दूर से आएं। यदि उनकी आर्थिक स्थिति समृद्ध रही तो वे उसे म्यूजियम का रूप भी देंगे।
विदेशी मुद्राएं
- यूएस का 1 क्वार्टर डॉलर
- सऊदी अरब का 50 पैसे का सिक्का
- नेपाल का एक और दो रुपए का सिक्का
- नेपाल का दो, पांच, 10 और 50 के नोट
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