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नालंदा में दो लोगों की मौत के बाद पथराव, लाठीचार्ज

7 वर्ष पहले
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बिहारशरीफ. दीपनगर थाना क्षेत्र के पुलिस लाईन के समीप शनिवार को सड़क दुर्घटना में हुई दो लोगों की मौत के बाद आक्रोशितों ने बवाल किया। लोगों ने एनएच 31 को जाम कर दिया और समझाने गई पुलिस पर पथराव कर खदेड़ दिया। बाद में भारी संख्या में पुलिस बल बुला कर आक्रोशितों पर लाठीचार्ज किया गया, तब जाकर करीब चार घंटे बाद जाम समाप्त हुआ
दीपनगर के मेहनौर गांव निवासी गल्ला व्यवसायी महेश प्रसाद उर्फ मणि महतो और ग्रामीण होमियोपैथ प्रैक्टिशनर रविंद्र कुमार उर्फ रावो साइकिल से बिहारशरीफ की ओर आ रहे थे, तभी पीछे से तेज गति में आ रहे ईंट से भरे ट्रैक्टर ने दोनों को रौंद दिया। चालक ट्रैक्टर छोड़ कर भाग निकला।
मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और सड़क जाम कर दिया। जाम के दौरान भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने ट्रैक्टर में आग लगाने की कोशिश की और जाम में फंसे कई वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। राहगीरों के साथ मारपीट भी की।
मौके पर पहुंचे विधि व्यवस्था डीएसपी संजय कुमार ने लोगों को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग समझने को तैयार नहीं थे। पथराव के बाद पुलिस ने तेवर सख्त कर लिया और जमकर लाठियां चटकाईं। यहां तक कि जो लोग भाग कर दुकानों में छिप गए थे, उन्हें भी बाहर निकाल कर पीटा गया। इस दौरान आधा दर्जन उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि सभी उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। भीड़ पर पुलिस के दो जवानों ने फायरिंग करने की कोशिश की, लेकिन ऐन मौके पर रायफल ने धोखा दे दिया और गोली चटक कर रह गई, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता।
गोपालगंज में मुखिया की मौत, तोड़फोड़
सड़़क दुर्घटना में घायल मुखिया की मौत इलाज के क्रम में हो गई। मृत मुखिया मांझा थाने की छवही तकी पंचायत के अजहर अली बताये गये है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मुखिया अजहर अली अपने गैरेज से होकर अपने आवास पर जा रहे थे। इसी बीच नगर के थावे रोड में इनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मुखिया गंभीर रूप से घायल हो गये । आस पास के लोगों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया, जहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं थे। निजी स्वास्थ्य कर्मी मुखिया का इलाज कर रहे थे। डाक्टर के नहीं रहने के कारण मुखिया की मौत हो गई। मुखिया की मौत से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। इस मामले में मुखिया की पत्नी शबनम खातून ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सिविल सर्जन व ड्यूटी में लगाए गए डाक्टर को अभियुक्त बनाते हुए नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।