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कृषि व वेटनरी कॉलेजों में दोगुनी होंगी सीटें, बीसीईसीई से ही मिलेगा एडमिशन

7 वर्ष पहले
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पटना. कृषि और वेटनरी कॉलेजों में सीटें दोगुनी होंगी। 25% सीटें तो तत्काल बढ़ाई जा रही हैं। यानी 2015 में 25%अधिक सीटों पर दाखिला होगा। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बढ़ोतरी फिलहाल पुराने कृषि व वेटनरी कॉलेजों-कृषि कॉलेज ढोली, कृषि कॉलेज सबौर और वेटनरी कॉलेज पटना- में होगी। कृषि, वेटनरी,डेयरी और फिशरीज कॉलेजों में नामांकन के लिए अलग से परीक्षा नहीं ली जाएगी, बल्कि बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बीसीईसीई से ही छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। लेकिन, इसके लिए कृषि विवि में अलग से काउंसिलिंग जरूर आयोजित होगी। कृषि कॉलेज ढोली और सबौर में अभी 60-60 सीटें हैं। अगले सत्र में यहां 75-75 सीटों पर नामांकन होगा। पटना के वेटनरी कॉलेज में अभी 50 सीटें हैं।
बैठक में निजी कृषि कॉलेज खोलने पर भी विचार किया गया। निजी कृषि कॉलेजों को संबद्धता आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से दिया जा सकता है। राजेंद्र कृषि विवि को निजी कृषि कॉलेज को लेकर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
द्वितीय वर्ष में भी होगा एडमिशन | द्वितीय वर्ष के छात्रों के कॉलेज छोड़ने की स्थिति में सीटें खाली नहीं रहे, इसके लिए कृषि अभियंत्रण में डिप्लोमा और राज्य के बाहर के कृषि व संबद्ध कॉलेज के प्रथम वर्ष के इच्छुक छात्रों को एडमिशन दिया जाएगा।
अभी छह कृषि कॉलेज | राज्य में 6 कृषि कॉलेज, एक वेटनरी कॉलेज, एक फिशरीज कॉलेज, एक कृषि इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट व एक डेयरी इंस्टीट्यूट है।
अब कृषि में भी होगी डिप्लोमा की पढ़ाई
अब कृषि व संबद्ध कॉलेजों में डिप्लोमा की पढ़ाई शुरू होगी। बाजार की मांग पर यह कोर्स शुरू किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने कृषि विषय में छात्रों की रुचि बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम तैयार करने को कहा है। इससे आसानी ने रोजगार मिल सकेगा।