पटना. नक्सली सुरक्षा बलों से लड़ने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों के उपयोग में लाए जाने वाले बुलेट प्रूफ जैकेट खरीद रहे हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एक ऑपरेशन में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने गया से मो. शम्स नाम के युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से एक बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद किया है। उसकी निशानदेही पर सेना के रिटायर्ड सूबेदार राजीव कुमार सिंह को औरंगाबाद के नवीनगर से गिरफ्तार किया गया है। राजीव नवीनगर के एक बैंक में बतौर गार्ड काम कर रहा था।
शम्स और रिटायर्ड सैनिक से आर्मी इंटेलीजेंस पूछताछ कर रही है। इसमें यह खुलासा हुआ है कि इस बुलेट प्रूफ जैकेट को नक्सलियों तक पहुंचाया जाना था। शम्स से पूछताछ में पता चला है कि उसने यह जैकेट राजीव से हासिल की थी। राजीव ने यह जैकेट सेना से हासिल किया या फिर किसी अन्य पुलिस संगठन से इसकी जांच चल रही है।
बिहार में यह पहला मामला : आईजी
आईजी ऑपरेशन सुशील एम. खोपड़े ने बताया कि बिहार में पहली बार इस तरह का मामला सामने आया है। शम्स और राजीव दोनों गया के रहने वाले हैं। शम्स नक्सलियों और दूसरे लोगों के बीच दलाल का काम करता है। शम्स और राजीव संपर्क में कैसे आए? नक्सलियों तक कौन-कौन सा सामान पहुंचाया है? इस बाबत पूछताछ हो रही है। बरामद जैकेट नक्सली कमांडर संदीप तक पहुंचाई जानी थी।
सेना के हथियार हासिल करते रहे हैं नक्सली
नक्सली सुरक्षा बलों को सप्लाई की जाने वाली गोलियां और हथियार इस्तेमाल करते रहे हैं। कई
बार उनके पास से इंसास और एके-47 राइफलें बरामद की गई हैं। इन दोनों हथियारों का उपयोग सेना और पुलिस संगठन करते रहे हैं।