पटना। आईआईटी-जेईई की मेन 2013 की परीक्षा में इस बार भी बिहार के सत्यम ने अपनी प्रतिभा साबित कर दी। इस बार उसकी रैंकिंग 292 रही जबकि बीते साल उसका रैंक 8137 वां था। सत्यम की चाहत थी कि वह अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए इस बार की परीक्षा में शामिल होगा। उम्र के लिहाज से भी सत्यम कामयाबी हासिल करने वाला इकलौता छात्र है। वह अभी 13 साल है।
भोजपुर के बखोरापुर गांव में सत्यम की
कामयाबी पर गर्व कर रहा है। गांव के लोगों को यकीन था कि उनका लाल जरूर नाम रोशन करेगा। सत्यम अपने चाचा के साथ कोटा में रहकर पढ़ाई करता है। उसके पिता सिद्धनाथ सिंह का कहना है कि बेटे ने उनका और पूरे गांव का
नाम ऊंचा कर दिया है।
बखोरापुर गांव काली मंदिर के लिए अब तक जाना जाता रहा है लेकिन अब इस पहचान में सत्यम का
नाम भी जुड़ गया है। पिछले दिनों एक
टीवी कार्यक्रम में सत्यम की मुलाकात क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय बच्चन से हो चुकी है। यह गांव आरा से 13 किलोमीटर दूर है। तब उस कार्यक्रम को गांव के लोगों ने
इंटरनेट के जरिए देखा था।
बिहार का परचम
आईआईटी-जेईई के बदले पैटर्न पर हुई पहली परीक्षा में बिहार के छात्रों का चयन बड़ी तादाद में होने की सूचना है। राज्य के डीजीपी अभयानंद जिस रहमानी सुपर 30 में पढ़ाते हैं, उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है। यहां 30 में से 23 छात्र सफल हुए जबकि गया वाले सेंटर से 16 में से 13 छात्र कामयाब रहे। अभयानंद ने कहा कि इस
कामयाबी का श्रेय छात्रों को ही दिया जा सकता है। टीचर की भूमिका तो एक उत्प्रेरक की होती है। इधर, दूसरे कई कोचिंग संस्थानों ने अपने-अपने छात्रों की सफलता का दावा किया है।
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