पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अधिकार यात्रा के दौरान सरेआम कार्बाइन लहराने वाले जदयू के सजायाफ्ता नेता रणवीर यादव ने फिर एक कारनामा कर दिया। इस बार उन्होंने डीएम के चैंबर में जिला शिक्षा अधिकारी को धमकी दी। अपशब्द कहे। इसके जवाब में बिहार प्रशासनिक सेवा संघ की खगडिय़ा जिला यूनिट ने रणवीर यादव और उनकी बीवियों जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा देवी और विधायक पूनम देवी के कार्यक्रमों के बहिष्कार का फैसला किया है।
बासा से जुड़े अधिकारियों की खगडिय़ा में हुई बैठक में कहा गया कि जिस प्रकार रणवीर यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी के साथ दुव्र्यवहार किया, वह बेहद आपत्तिजनक है। संघ ने तय किया है कि रणवीर यादव और उनकी दोनों पत्नियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जाएगा। शिक्षा अधिकारी श्याम बाबू राम ने कहा कि कल डीएम साहब के चैंबर में शिक्षक नियोजन की एक फाइल को लेकर रधवीर यादव ने उन्हें धमकी दी थी। हालांकि मारपीट करने से उन्होंने इंकार किया। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यादव ने उन्हें डीएम के चैंबर में ही पीट दिया। घटना के वक्त डीएम अपने चैंबर में नहीं थे।
बताया जाता है कि जिला परिषद की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। जिला परिषद का अध्यक्ष होने के नाते उसे रणवीर यादव की पत्नी कृष्णा देवी नियोजन पत्र बांटने का दावा कर रही हैं। जबकि वह फाइल डीएम ने पहले ही अपने पास मंगवा ली थी। कृष्णा देवी लोकसभा चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में नियोजन पत्र कौन बांटेगा, यह अहम सवाल बन जाता है। फाइल की खोज करते-करते रणवीर कलेक्ट्री ऑफिस पहुंच गये थे।