औरंगाबाद/पटना. पूर्व विद्यान पार्षद डॉ. शंकर दयाल सिंह का गुरुवार की सुबह निधन हो गया। वे सीने की दर्द से पीडि़त चल रहे थे। उनका इलाज बनारस में किया जा रहा था। बनारस में ही ह्दय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। आज उनका पार्थिव शरीर पटना स्थित विद्यान परिषद लाया जाएगा। फिर यहां से जेडीयू कार्यालय ले जाया जाएगा। उसके बाद उनके गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
डॉ. शंकर दयाल सिंह औरंगाबाद जिले के सलैया गांव के निवासी थे। उनका जन्म 1940 में सलैया गांव में ही हुआ था। उनकी प्राथमिक शिक्षा-दीक्षा भी इसी गांव में पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने बेरी हाई स्कूल से मैट्रीक की पढ़ाई पूरी की। 1967 में उन्हें शिक्षक की नौकरी मिल गई। इस दौरान उन्हें योग्य शिक्षक के रूप में 1989 में राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजा गया। उस वक्त डॉ. शंकर दयाल सिंह औरंगाबाद जिले के प्रथम ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था। वे 30 साल तक शिक्षक संघ के नेता भी रहे थे।
वहीं, उन्होंने अपने रिटायर्टमेंट के 6 साल पहले अनुग्रह नारायण इंटर कॉलेज से इस्तीफा देकर पहली बार चुनाव लड़ा रहा था। 1996 में उन्हें पूर्वी सिंहभूम से विद्यान पार्षद बनाया गया। (उस वक्त सिंहभूम बिहार का हिस्सा हुआ करता था।) इसके बाद से वे राजनीति में सक्रिय रहे। वत्र्तमान में वे जेडीयू से जुड़े हुए थे।