पटना/दिल्ली. लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान बुधवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंचे। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार ये मुलाकात बिहार में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर हो रही है। यहां लोकसभा चुनाव में सीटों को लेकर भी वार्ता हुई। मालूम हो कि बिहार की राजनीति में महागठबंधन होने की संभावना प्रबल हो गई। यहां कांग्रेस, राजेडी, लोजपा और एनसीपी एक साथ चुनाव लडऩे का मन बना रहे हैं।
इस गठबंधन पर बीते मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार का कहना था कि यह तो तय था कि राजेडी, कांग्रेस के साथ मिलेगी। अगर ऐसा नहीं होता तो हमें जरूर आश्चर्य होता। बुधवार को सोनिया गांधी से मुलाकात करने के लिए लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान दिल्ली पहुंचे।
बिहार में कांग्रेस, राजेडी, लोजपा और एनसीपी का गठबंधन लगभग तय हो चुका है। बात केवल यहां सीटों को लेकर चल रही है। सूत्रों की मानें तो लोजपा बिहार में 10 सीटों पर चुनाव लडऩा चाहती है। वहीं बिहार की राजनीति के जानकारों की मानें तो ये गठबंधन बेहद मजबूत साबित हो सकता है और जदयू तथा बीजेपी को कड़ी चुनौती भी दे सकता है।
बताते चलें कि 26 जनवरी से ही दिल्ली में इस गठबंधन को लेकर तैयारियां चल रही थी। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर बैठक भी हो चुकी है।
सोनिया गांधी से मिलने से पहले एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान की दिग्विजय सिंह से मुलाकात हो चुकी है और तभी से ये कयास लगाये जा रहे थे कि बिहार में महागठबंधन होने वाला है। माना जा रहा है कि अगर ये गठबंधन होता है तो बिहार में लोकसभा चुनाव त्रिकोणीय होगी। जहां जदयू और बीजेपी अपने दम-खम पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, आरजेडी, कांग्रेस, एलजेपी और एनसीपी एक साथ चुनाव में उतरेंगी।
सूत्रों के अनुसार बिहार की कुल 40 सीटों में से 20 पर लालू यादव की पार्टी आरजेडी के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं। कांग्रेस 10 सीटों पर, एलजेपी 8 और एनसीपी 2 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि अभी सीटों को लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।