पटना. वित्तरिहत डिग्री कॉलेजों से शपथ पत्र लेकर शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को अनुदान राशि देने की अनुमति राज्य सरकार देगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग कैबिनेट में प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है। प्रस्ताव में यह भी रहेगा कि विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 57 ए को एक साल के लिए शिथिल किया जाय। क्योंकि इस धारा को लेकर एक साल से अनुदान विश्वविद्यालयों के पास 104 करोड़ रुपए पड़े हैं और शिक्षक-कर्मचारी वेतन से वंचित हैं।
225 वित्तरहित डिग्री कॉलेजों के करीब दस हजार शिक्षक-कर्मचारी इससे प्रभावित हैं। शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने कहा कि आगे से वित्तरहित स्कूल और कॉलेजों के शिक्षक-कर्मचारी को राशि मिलने में कोई दिक्कत नहीं आए, इसको लेकर नई व्यवस्था लागू करने पर मंथन चल रहा है। जल्द ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा।