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अशोक धाम: बगैर किसी लग्न-मुहूर्त के यहां होते हैं मांगलिक कार्य

7 वर्ष पहले
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फोटो: श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम।
लखीसराय/पटना. श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम ऐसा धाम है, जहां शादी-विवाह से लेकर मुंडन संस्कार तक बगैर किसी लग्न-मुहूर्त के कभी भी संपन्न होता है। सावन माह में प्रतिदिन भक्तगण सिमरिया के गंगाघाट से कांवर लेकर जल भरकर पैदल 30 किमी अशोक घाम श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंच रहे हैं। प्रत्येक सोमवारी को 42 से 50 हजार भक्त जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
बिहार और झारखंड में मनाए जा रहे श्रावणी मेले के अवसर पर दैनिक भास्कर डॉट कॉम बता रहा लखीसराय जिले के श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोक धाम की कुछ खास बातें।
श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के द्वारा प्रतिवर्ष 50 जोड़ों का विवाह करवाता है। यहां प्रेम-विवाह और पकड़ौवा-विवाह बिना रोक-टोक के सम्पन्न होता है। मान्यता है, कि भगवान भोलेनाथ की इच्छा जब प्रकट होकर अपने भक्तों में भक्ति भावना को जगाते हुए उनकी मनोकामना पूरी करने की हुई तो उन्होंने अशोक नामक चरवाहे को प्रेरणा दी। अशोक ने गिल्ली डंडा खेलने के दौरान रजौना के ग्रामीणों के साथ मिलकर टीले की खुदाई कर डाली। खुदाई में काले रंग का शिवलिंग मिला। उसी के बाद नए सिरे से मंदिर बनाकर शिवलिंग की स्थापना की गई।
आगे पढ़िए पालवंश के शासक ने बनवाया था...