पटना. भाजपा नेता
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सत्ताधारी दल से जुड़े बिल्डरों के अवैध निर्माण को बचाने के लिए राज्य सरकार पटना नगर निगम को भंग करना चाहती है। ताकि इसी बहाने निगम आयुक्त को उनके पद से हटाया जा सके। पटना नगर निगम के आयुक्त की कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर खौफजदा हैं। अगर बिल्डरों के दबाव में निगम को भंग करने का प्रयास किया गया तो सरकार को इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
सुमो ने कहा कि पटना नगर निगम के माध्यम से होने वाले अधिकतर काम राज्य सरकार खुद करा रही थी। पटना में 400 करोड़ की जलापूर्ति योजना तीन वर्षों में भी पूरी नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री नगर विकास योजना और मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में आवंटित रकम का पिछले दो वर्षों से खर्च नहीं हो सकी है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रह करने वाली ए-टू-जेड कम्पनी भुगतान नहीं होने से काम छोड़ कर भाग गई।
कंकड़बाग जलनिकासी योजना विफल हो गई। शहर का अतिक्रमण और खटाल नहीं हटे। स्ट्रीट लाइट लगाने में पेसू और शहर की जल निकासी करने में विश्वास बोर्ड विफल हो गया। क्या इन सारी विफलताओं के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं है? अगर इन नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए नगर निगम को भंग करना है तो उससे पहले राज्य सरकार को भंग करना होगा। सुमो ने कहा कि निगम आयुक्त को हटाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक में हार चुकी सरकार अब अक्षमता का बहाना बना कर जनता द्वारा पांच वर्षों के लिए निर्वाचित निगम को अलोकतांत्रिक तरीके से भंग करने की साजिश रच रही है।