पटना. बिहार में हुए दवा घोटाले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह ने आश्चर्यजनक बयान दिया है। सोमवार को मंत्री ने कहा कि घोटाला तो सौ, दो सौ या तीन सौ करोड़ रुपये का होता है। अरबों-खरबों की गड़बड़ी हो तो बात समझ में आती है। ताजा मामला तो अधिक से अधिक एक से दो करोड़ रुपये के हिसाब का है। अब भला दो करोड़ का मामला भी कोई घोटाला होता है। यह तो हद ही है। मंत्री ने मामले की सीबीआई जांच से भी इंकार कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पूरे विवाद की जड़ में भाजपा ही है। भाजपा के नेता लाख चिल्लाते रहें लेकिन मैं इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश नहीं करूंगा। केंद्र में जब से सरकार बनी है भाजपा वाले बात-बात में सीबीआई का हौवा खड़ा कर रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश कुमार को इस गड़बड़ी की जानकारी थी, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नीतीश को जानकारी थी या नहीं, यह बात तो वे ही बता पाएंगे। आपको उनसे ही सवाल पूछना चाहिए। जहां तक सवाल मामले पर ध्यान नहीं दिए जाने का है तो यह बात आप उस समय रहे लोगों से ही पूछिए। मेरी नजर में तो असल घोटालेबाज भाजपा नेता नंद किशोर यादव और अश्विनी कुमार चौबे हैं जो लंबे समय तक स्वास्थ्य मंत्री रहे थे।