पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक परीक्षा 2015 के लिए मॉडल पेपर का प्रकाशन कर दिया है। बोर्ड की ओर से स्टूडेंट्स सपोर्ट सिस्टम के तहत मॉडल पेपर तैयार कराया गया है। बोर्ड ने हिंदी व उर्दू विषय के विद्यार्थियों के मॉडल पेपर का प्रकाशन किया है। बोर्ड ने मॉडल पेपर की 10 लाख कॉपियां प्रकाशित कराई हैं।
मॉडल पेपर का प्रकाशन करते हुए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि हिंदी व उर्दू मीडियम के छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए अलग-अलग सेटों में मॉडल पेपर का प्रकाशन कराया गया है। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों की परेशानी को दूर करने के लिए मॉडल पेपर जारी किया गया है। वर्ष 2011-12 में बोर्ड ने मॉडल पेपर का प्रकाशन किया था। एक बार फिर छात्रों को यह सुविधा दी गई है।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि चुनिंदा प्लस टू स्कूलों के बेहतरीन शिक्षकों व रिटायर्ड विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से मॉडल पेपर तैयार कराया गया है। इससे छात्र अगर तैयारियों को अंतिम रूप देते हैं तो परीक्षा में उन्हें काफी फायदा होगा। अध्यक्ष ने मॉडल पेपर प्रकाशन में देरी को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मॉडल पेपर से तैयारी के लिए बोर्ड कम से कम 45 दिन का समय दिलाने की योजना बनाया था। कुछ गड़बड़ी के कारण करीब एक सप्ताह की देरी हो गई है। अब भी बच्चे तैयारी को अंतिम रूप दे सकते हैं। बोर्ड ने साफ किया कि मॉडल पेपर की तर्ज पर वार्षिक मैट्रिक परीक्षा में सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि, मॉडल पेपर से सवाल नहीं आएंगे। बस प्रश्नों का पैटर्न एक जैसा होगा।