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डाउनलोड करेंसुपौल. केन्द्र संचालन में अनियमितता व टीएचआर वितरण में उदासीनता बरतने के आरोप में सात सेविका व आठ सहायिका का चयन रद्द कर दिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रमेश कुमार ओझा ने बताया कि केन्द्र संचालन में अनियमितता बरतने की शिकायत पर उपर्युक्त लोगों से स्पष्टीकरण पूछा गया था। किन्तु जवाब संतोषजनक नहीं पाये जाने पर कार्रवाई की गई। कई सेविका से राशि वसूली का निर्देश भी दिया गया है।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के मुताबिक, मरौना परियोजना के आंगनबाड़ी केन्द्र सं. 13 की सहायिका अनिता कुमारी, सुपौल परियोजना के केन्द्र सं. 146 की सेविका रंजू देवी, पिपरा परियोजना के केन्द्र सं. 92 की सेविका व सहायिका, छातापुर परियोजना के केन्द्र सं. 77 की सेविका श्यामा देवी, सुपौल परियोजना के केन्द्र सं. 302 की सहायिका शोभा देवी, छातापुर परियोजना के केन्द्र सं. 30 की सहायिका कुसमी कुमारी, केन्द्र सं. 188 की सेविका सुनीता देवी, सुपौल परियोजना के केन्द्र सं. 145 की सेविका सरोज कुमारी व सहायिका निर्मला देवी, पिपरा परियोजना के केन्द्र सं.151 की सहायिका रीना कुमारी, त्रिवेणीगंज परियोजना के केन्द्र सं. 35 की सहायिका तरिया देवी, किशनपुर परियोजना के केन्द्र सं. 47 की सेविका अलका रानी व सहायिका रंजना देवी तथा बसंतपुर प्रखंड के केन्द्र सं. 121 की सेविका मंजू कुमारी के चयन को रद्द कर दिया गया है। बताया गया कि अनियमितता की सुनवाई के उपरांत यह निर्णय लिया गया। आदेश निर्गत की तिथि से ३० दिनों के अंदर क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी के यहां सेविका व सहायिका अपील कर सकती हैं।
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