बगहा/पटना. रामनगर प्रखंड में खजुरिया गांव के प्राथमिक विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक अवधेश राम के खिलाफ उत्प्रेरण केंद्र संचालन मद में मिले सात लाख रुपये हड़प जाने के मामले में बीईओ अरुण कुमार ने बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कराया। उक्त स्कूल में वर्ष 2011-12 में विद्यालय से बाहर रहने वाले अल्पसंख्यक मुस्लिम व महादलित समुदाय के 8 से 14 उम्र वर्ग के छात्रों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्प्रेरण केंद्र का संचालन होना था। बाद में केंद्र संचालन के निमित्त बनी समिति की अनुशंसा पर इस स्कूल में केंद्र संचालन पर रोक लग गई। विद्यालय के खाते में आ चुकी केंद्र संचालन मद की रकम एचएम ने निकाल लिये। तमाम विभागीय हिदायतों के बावजूद उन्होंने यह राशि लौटाना भी मुनासिब नहीं समझा। ताज्जुब यह कि उक्त प्रधानाध्यापक बीते एक वर्ष से वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित हैं। इसके बावजूद राशि नहीं लौटी तब डीईओ ललन झा ने विभागीय जांच के आलोक में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
आरोप कई, सिर्फ एक में प्राथमिकी
हालांकि उक्त प्रधानाध्यापक के खिलाफ उत्प्रेरण केंद्र मामले में प्राथमिकी दर्ज हो गई है, लेकिन इन पर वित्तीय हेराफेरी के आरोपों की सूची लंबी है। विद्यालय के भवन व किचेन शेड निर्माण मद में कार्य कराये बगैर आवंटित निधि की निकासी तथा छात्रवृत्ति व परिभ्रमण मदों की राशि के भी दुरूपयोग सरीखे कई गंभीर आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। डीईओ ने इस बाबत कहा कि वित्तीय गड़बड़ी के मामलों में कोई व्यक्ति चाहे जितनी चालाकी करे, बच नहीं पायेगा।