पटना. राहत कार्य में अनियमितता के आरोप में घोषवरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। बीडीआे सुनील कुमार सिन्हा पर आरोप था कि वे जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं करा रहे हैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बाढ़ प्रभावित प्रखंड के बीडीओ को निर्देश जारी किया था कि वे बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करें। उनके बीच राहत वितरण का कार्य तेजी से कराएं।
क्षेत्र भ्रमण के क्रम में डीएम को जानकारी दी गई कि घोषवरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सर्वे का काम काफी धीमा है। बीडीओ पूरे मामले में रुचि नहीं ले रहे। इस कारण प्रभावित परिवारों के बीच राहत वितरण का कार्य काफी धीमा है। बीडीओ को जानकारी दी गई थी कि बाढ़पीड़ित परिवारों के बीच राहत वितरण के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त प्रखंड स्तरीय नोडल पदाधिकारी वहां कैंप कर रहे हैं। डीएम को जानकारी दी गई कि बीडीओ प्रखंड में अनुपस्थित रह गए। प्रखंड स्तरीय नोडल पदाधिकारी जैसे वरीय पदाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है।
इस कारण राहत वितरण के साथ-साथ प्रखंड में विधि-व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी हो रही है। प्रशासन ने माना कि स्थानीय पदाधिकारी की प्राकृतिक आपदा के समय इस प्रकार की उदासीनता और वरीय पदाधकािरयों के आदेश का अनुपालन न होना, अत्यंत गंभीर मामला है। इस मामले में डीएम ने बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा। इसके अलावा सरकार को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा गया। सरकार ने डीएम की अनुशंसा के आधार पर बीडीओ को निलंबित कर दिया है। डीएम ने कहा कि आम लोगों के हित के बारे में सभी पदाधिकारियों को विचार करना होगा। जनहित के मुद्दों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई जरूर होगी।