पटना. भाजपा नेता
सुशील कुमार मोदी ने शहरी विकास के लिए नुरुम योजना में बिहार को 6742 करोड़ रुपये नहीं मिलने के लिए जदयू नेता नीतीश कुमार को दोषी ठहराया है। सोमवार को सुमो ने कहा कि भाजपा से अलग होने के बाद से ही नगर विकास विभाग की कमान नीतीश के हाथों में थी। अठारह विभागों का बोझ उठाए नीतीश की लापरवाही की वजह से समय पर नुरुम से संबंधित डीपीआर समय पर जमा नहीं हो सका। नतीजा बिहार को बड़ी रकम से वंचित होना पड़ा। मार्च, 2014 से कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की यूपीए सरकार ने नुरुम की योजनाओं को बंद करने का निर्णय ले लिया।
नुरुम के तहत बोधगया, खगौल, दानापुर, फुलवारीशरीफ और पटना की जलापूर्ति योजनाएं तथा पटना में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की प्रगति क्रमश: 40 और 13 प्रतिशत रही। यूपीए द्वारा इन योजनाओं के बंद कर दिए जाने की वजह से बिहार को इसके लिए 334 करोड़ रुपये अपने बजट से देने होंगे। राज्य सरकार ने 53 शहरों की सिवरेज, जलापूर्ति और ड्रेनेज योजना के साथ-साथ पटना, फुलवारीशरीफ और पटनासाहिब की ड्रेनेज योजना का डीपीआर समय पर केन्द्र को नहीं भेजा।