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बैंक कर्मी को बेखौफ अपराधियों ने मारी गोली, पीएमसीएच में मौत

7 वर्ष पहले
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फोटो: शोकाकुल परिजन।
पटना. स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (अशोक सिनेमा रोड) के नि:शक्त हेड क्लर्क 34 वर्षीय अमृतेश सिंह को दो बेखौफ अपराधियों ने जीपीओ गोलंबर के पास पुल के ऊपर गोली मार दी। अपराधी, बैंक कर्मी का पत्रकारनगर स्थित घर से पीछा कर रहे थे। वारदात शनिवार सुबह पौने दस बजे उस समय हुई, जब अमृतेश अपनी चार पहियों वाली स्कूटी से बैंक जा रहे थे। अपराधियों ने उन्हें बाइक से चलते हुए गोली मारी और आर ब्लॉक होते हुए निकल भागे। अपराधियों की गोली अमृतेश के पेट में लगी। इसके बाद वह सड़क पर गिर गए।
सूचना पाकर पहले जक्कनपुर फिर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को तत्काल पीएमसीएच ले जाया गया। जहां एक घंटे की इलाज के बाद अमृतेश ने दम तोड़ दिया। उधर, दोनों अपराधियों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हो गई है। फुटेज में पुलिस ने पाया कि दोनों हेलमेट पहने हुए थे। दोनों की उम्र 25-30 साल के करीब है। फुटेज के आधार पर उसकी तलाश में पुलिस जुट गई है।
बाइक की नंबर प्लेट ढ़क रखी थी
फुटेज खंगालने पर पुलिस को पता चला है कि अपराधी जिस बाइक से आये थे, उसका नंबर प्लेट ढ़का हुआ था। बाइक के पीछे बैठे युवक ने हरे रंग धारीवाला स्वेटर पहना था। दोनों लड़के स्पोर्टस शू पहने हुए थे। दोनों ने हेलमेट भी लगा रखा था। इसलिए किसी का चेहरा नहीं दिख रहा है।
पहले से तय थी प्लानिंग
सिटी एसपी शिवदीप लांडे ने बताया कि युवकों ने बाइक चलाते हुए फायरिंग की और निकल गए। उन्होंने जीपीओ गोलंबर पुल शायद इसलिए चुना क्योंकि फायरिंग कर सीधे आर ब्लॉक होते हुए भाग सकते थे। करबिगहिया में लगे सीसीटीवी कैमरे से पता चला है कि अमृतेश का पीछा अपराधी लगातार कर रहे थे। वारदात के हालात बयां कर रहे हैं कि अपराधियों ने पूरी प्लानिंग पहले से कर ली थी। अपना सेफ पैसेज भी तय किया था।
तीन युवकों पर पुलिस की नजरें हुई टेढ़ी
पुलिस ने मृतक अमृतेश की मोबाइल फोन का सीडीआर खंगालने के बाद पाया है कि तीन युवकों से अमृतेश की कई बार बातें हुई है। यह तीन युवक कौन हैं, इस बारे में पुलिस पता लगा रही है। फिलहाल यह नंबर बंद आ रहे हैं। वारदात की पृष्ठभूमि में कोई व्यक्तिगत कारण छिपा है, जिस पर पुलिस फिलहाल टिप्पणी नहीं करना चाहती।
दो साल पहले हुई शादी
पंडारक अंचल अधिकारी के ऑफिस में कार्यरत अमृतेश के चाचा चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि अमृतेश की शादी दो साल पहले नालंदा जिले के नीरपुर निवासी 18 वर्षीय आभा से हुई थी। अमृतेश आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में पोस्टेड थे। नियुक्ति नि:शक्त कोटे से हुई थी। एक साल पहले ही वह पटना आए थे। अमृतेश की दो बहन सत्या और अर्चना की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बहन नित्या भागलपुर सबोर के कृषि विद्यालय में पढ़ाई कर रही है। पत्रकारनगर में अमृतेश के घर के पास ही उनका एक श्रृंगार की शॉप भी है। पिता चंद्रभूषण सिंह ठेकेदारी का काम करते थे। अब घर में ही रहते हैं।
किसी से नहीं थी दुश्मनी
परिवार ने दावा किया कि अमृतेश के साथ किसी की कोई दुश्मनी नहीं थी। वह बैंक से काम खत्म कर सीधे घर आ जाते थे। किसी तरह का कोई विवाद घर में भी नहीं हुआ। किसी से मोबाइल पर झगड़े की बात से भी परिवार ने इनकार किया है।