फोटो: फुटबॉल प्लेयर्स वाई कमला देवी और आशा लता।
पटना. ये खिलाड़ी भले ही बिहार के रहनेवाली नहीं हैं पर खेलतीं है बिहार में और बिहार की ओर से। ये खिलाड़ी अभी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए एशियाड में खेल रही हैं और इन सबों के कारनामे की वजह से अभी भारतीय महिला फुटबॉल टीम की एशियाड में उम्मीदें कायम है और क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं। हम बात कर रहे हैं भारतीय महिला फुटबॉल की उन चार खिलाड़ियों की जो पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में नौकरी करती हैं। ये चार खिलाड़ी हैं सस्मिता मल्लिक, वाई कमला देवी, सुप्रभा शामल और आशा लता। ये चारों पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर में जूनियर क्लर्क के पद पर पदस्थापित हैं। सस्मिता मल्लिक और सुप्रभा शामल ओड़िशा की रहने वाली हैं और वाई कमला देवी और आशा लता मणिपुर की हैं।
मालदीव के खिलाफ सुष्मिता व कमला ने दागे पांच-पांच गोल
पहले मैच में सस्मिता मल्लिक व वाई कमला देवी का जलवा रहा था। पहले मैच में मालदीव को भारतीय टीम ने 15-0 से पराजित किया था। इसमें पांच गोल सस्मिता मल्लिक ने और इतना ही गोल वाई कमला देवी ने दागा था। एक गोल आशा लता ने किया था। भारत को पहले अगले दो मैचों में दक्षिण कोरिया और थाईलैंड से हार का सामना करना पड़ा था पर पहले मैच में मिली भारी जीत के कारण ही उसे क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की हो गई है। ये चारों काफी पहले से ही भारतीय टीम की सदस्य हैं। सस्मिता मल्लिक भारतीय टीम की उप कप्तान रह चुकी हैं जबकि वाई कमला देवी जूनियर इंडिया टीम की कप्तान रह चुकी हैं। सुप्रभा शामल इंडिया अंडर-19 टीम की कप्तान रह चुकी हैं। पहले ये सभी अपने-अपने प्रदेश की टीमों से खेलती थीं कि पूर्व मध्य रेलवे में नौकरी होने के बाद ये सभी बिहार के राज्यस्तरीय मैचों में ये सभी पूर्व मध्य रेलवे टीम की ओर से खेलती हैं। इंडियन रेलवे की टीम नहीं बनने से पहले ये सभी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी बिहार का प्रतिनिधित्व करती थीं।
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