पटना सिटी. एनएमसीएच इमरजेंसी वार्ड में शनिवार की सुबह महिला मरीज दौलती देवी की मौत के बाद परिजनों ने जम कर हंगामा मचाया। हंगामे को शांत करने का प्रयास ड्यूटी में तैनात गार्ड ने किया। लेकिन लोग नहीं माने। बाद में आलमगंज थाने की पुलिस पहुंची।
उपचार में कोताही का आरोप
एनएमसीएच में विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। उपचार व्यवस्था में कोताही व हंगामे की घटनाएं लगातार होती है। शनिवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही हुआ। नालंदा निवासी सुकांत मांझी की पत्नी दौलती देवी को शक्रवार की रात गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था। वह तेज बुखार से पीड़ित थी। बार-बार अचेत होकर गिर रही थी। परिजनों का कहना है इमरजेंसी में दवा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उसे बाहर से दवा लाने को कहा गया है। दवा बाजार से लाने के बाद भी समुचित उपचार नहीं मिल सका, जिस कारण पत्नी की मौत हो गई।
इमरजेंसी वार्ड में हंगामा, गार्ड से झड़प
महिला मरीज की मौत के बाद परिजन इमरजेंसी वार्ड में हल्ला हंगामा शुरू कर दिया। इससे वहां भर्ती अन्य मरीजों को परेशानी होने लगी। तैनात गार्ड हंगामा कर लोगों को समझाने -बुझाने के लिए तब हंगामा कर रहे उलझ गए। आक्रोशित लोगों के उग्र तेवर देख डॉक्टरों ने मामले की जानकारी आलमगंज थाना पुलिस को दी। पुलिस को देखते ही हंगामा कर रहे कुछ लोग शांत हो गए। कुछ लोग हंगामा कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने समझाबुझा कर वहां से हटाया।
मरीज को तेज बुखार था। दवा व उपचार चल रहा था। स्थिति गंभीर होने की वजह से मौत हुई है। हंगामा करने वालों में मरीज के परिजन कम दूसरे लोग अधिक शामिल थे।
डाॅ. संतोष कुमार, अधीक्षक एनएमसीएच