पटना. जदयू के बागी विधायकों को एक बार फिर नई तारीख मिल गई है। अब उनके भाग्य का फैसला 27 सितम्बर को होगा। मंगलवार को विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को सुनवाई करने के लिए आना था लेकिन वे खुद ही नहीं आए। नतीजा चार बागी विधायकों के वकील ने लिखित जवाब विधानसभा के सचिव हरेराम मुखिया को सौंप दिया। इसी के बाद उन्हें अगली तारीख दे दी गई।
जदयू के बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, रवींद्र राय, नीरज बबलू और राहुल शर्मा ने हाईकोर्ट के वकील शशिभूषण कुमार मंगलम के माध्यम से जवाब स्पीकर के कोर्ट को सौंपा। मजे की बात यह रही कि बागी विधायक अजीत कुमार को छोड़ कर ना तो सात अन्य बागी विधानसभा आएं और ना ही स्पीकर। सत्ताधारी दल की ओर से संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार जरूर मौजूद थे। विधानसभा सूत्रों के अनुसार 17 पन्नों में मिले जवाब की समीक्षा करने के बाद स्पीकर अगली सुनवाई में विधायक ज्ञानू, राय, बबलू और शर्मा के मामले में निर्णय देंगे। उसी दिन विधायक सुरेश चंचल, अजीत कुमार, पूनम देवी और राजू सिंह को भी लिखित जवाब पेश करने को कहा गया है।
विधायकों ने पार्टी के खिलाफ काम किया है। इसी को मुद्दा बना कर पार्टी ने स्पीकर से उनकी सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया है। मुझे पूरा भरोसा है स्पीकर के कोर्ट में सत्य की जीत होगी।
श्रवण कुमार, संसदीय कार्य मंत्री
हमने लिखित जवाब सौंप दिया है। कुलदीप नारायण केस का हवाला देकर हमने कोर्ट को बताया है कि राज्यसभा चुनाव में मतदान को लेकर किसी विधायक की सदस्यता समाप्त नहीं की जा सकती है। हमें भरोसा है कि न्याय की जीत होगी।
शशिभूषण कुमार मंगलम, वकील
हम लोग बहस में ही अपनी बात कहना चाहते थे। लेकिन यह तो अनोखी अदालत है। हमें अपनी बात कहने तक का मौका नहीं दिया गया। अब देखना है कि स्पीकर फैसला करते समय तथ्यों पर ध्यान देते हैं या नहीं।
ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, एमएलए