पटना. मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मुझे कठपुतली समझ कर महानुभाव नीतीश कुमार ने गलती नहीं, महागलती की है। उन्हें अपने शब्द सुधार लेने चाहिए। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने एक अणे मार्ग में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि नीतीश समझ रहे थे कि मैं रबर स्टांप की तरह काम करूंगा और रिमोट से चलूंगा। मैं दो महीने तक रिमोट से चलता रहा लेकिन जब यह बात प्रचारित होने लगी तब मैंने स्वतंत्र रूप से फैसले लेना शुरू कर दिया। तब नीतीश ने मेरा विरोध करना शुरू कर दिया। वे खुद तो चुप रहे लेकिन अपने लोगों से गाली दिलवाने लगे। नीतीश की चुप्पी हमें जलील करती रही।
मांझी ने कहा-शरद यादव मेरे पास आए थे और उन्होंने कहा कि आप मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का नाम प्रस्तावित करें और खुद इस्तीफा दें। मैंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद मेरी नीतीश से आमने-सामने बात भी हुई, लेकिन वह चुप रहे। इसी के कारण मैंने कहा कि नीतीश भीष्म पितामह की तरह चुप बैठे हैं, जिसके कारण बिहार में महाभारत हो रहा है।
नीतीश खुद कर रहे हैं हॉर्स ट्रेडिंग आरोप मुझ पर लगा रहे हैं
मांझी ने कहा कि नीतीश खुद हॉर्स ट्रेडिंग में लगे हैं। विधायकों को दिल्ली ले जाकर महंगे होटल में ठहराया गया और लाखों रुपए खर्च किए गए, यह हॉर्स ट्रेडिंग नहीं तो क्या था। विधायकों के घर-घर जाकर कहा जा रहा है कि आगे टिकट लेना है या नहीं और जीतना है या नहीं। मांझी ने कहा कि मुझ पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया जा रहा है। मांझी तो गरीब है, फकीर है। मैं विधायकों को खरीदने के लिए पैसे कहां से लाऊंगा।
मंत्रियों के घर बैठते थे बिचौलिए
मांझी ने कहा कि राज्य के कई मंत्रियों और अफसरों के घर पर बिचौलियों का जमावड़ा लगा रहता था। कुछ अफसर और मंत्रियों का चेहरा सामने आया तो मैंने कार्रवाई की। यही बात उनलोगों को बुरी लगी और उनलोगों ने मेरा विरोध शुरू कर दिया।
नीतीश के कहने पर दे देता इस्तीफा
मांझी ने कहा कि वह पहले नीतीश को अपना नेता मानते थे। जब मैने मुख्यमंत्री के रूप में खुद से फैसला लेना शुरू किया तो कई विधायक और मंत्री विरोध करने लेंगे। लोग कहने लगे की मांझी पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं। मंत्री और विधायक खुलेआम मेरे खिलाफ बोल रहे थे। ऐसे समय में मैंने कहा था कि मुझसे कोई गलती हुई तो जदयू नेता नीतीश कुमार खुद कहें मैं इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन वह चुप रहे और दूसरों से हमला कराते रहे।
20 को बहुमत साबित करने का मौका देने पर राज्यपाल को धन्यवाद
जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से निवेदन किया था कि 20 फरवरी से बजट सत्र शुरू हो रहा है। उन्हें उसी दिन सदन में बहुमत साबित करने का मौका दें और गुप्त मतदान कराएं। मैं 20 को बहुमत साबित करने का मौका देने के लिए राज्यपाल को धन्यवाद देता हूं। 20 को अगर मैं बहुमत साबित करने में नाकाम रहा तो तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।