पटना. पूर्व उपमुख्यमंत्री
सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भूमाफियाओं और अवैध बिल्डरों के दबाव में ईमानदार आईएएस अधिकारी कुलदीप नारायण को अपमानित और निलंबित किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के जबाव के बावजूद नगरायुक्त ने समर्पण करने से इंकार कर दिया तो उसे ईमानदारी की सजा दी गई।
मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार का दाहिना हाथ माने जाने वाले जदयू के बाहुबली विधायक व राज्यसभा सांसद आरसीपी सिन्हा से जुड़े अनेक अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई करने के कारण नगरायुक्त निशाने पर थे। राज्य सरकार 18 माह से उन्हें हटाने का उपाय ढूंढ़ रही थी। सरकार सर्वोच्च न्यायालय तक गई। लेकिन आयुक्त को हटा नहीं सकी। अंत में सामान्य से आरोप लगाकर उन्हें निलंबित किया गया।
पिछले 25-30 वर्षों में पहली बार किसी आईएएस को इस प्रकार तथ्यहीन आरोप लगाकर निलंबित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने भी बगैर कारण पूछे वरीय अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। इसके पूर्व मंत्री के आप्त सचिव ने कुछ मुद्दों पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। आप्त सचिव के पत्र के आधार पर किसी पदाधिकारी को निलंबित नहीं किया जा सकता है।
मोदी ने कहा कि पटना नगर निगम क्षेत्र में अधिसंख्य काम नगर विकास विभाग, बुडको, हाउसिंग बोर्ड, जल पर्षद, जिला प्रशासन और पेसू करता है। नगर निगम के पास तो विकास कार्यों के लिए नाम मात्र का पैसा है। नुरुम का कार्य बुडको करता है। लेकिन सभी के लिए नगरायुक्त को जिम्मेवार ठहराया जा रहा है।