फाइल फोटो: कुमुद रंजन।
पटना. बिहार के युवा फिल्म निर्माता की फिल्म बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में धूम मचाने वाली है। ये निर्माता हैं कुमुद रंजन। उनके द्वारा बनाई गई फिल्म ‘फुटप्रिंट्स इन द डेजर्ट’ का प्रीमियर पांच अक्तूबर को होगा। यह फिल्म फेस्टिवल दो अक्तूबर से शुरू होने वाला है। 80 मिनट के इस फिल्म को निर्देशित किया है बलांका घोष। कुमुद इस फिल्म के सिनेमोटोग्राफर भी हैं। इस फिल्म में राजस्थान में भारत और पाकिस्तान की सीमा पर रहने वाले लोगों की जिंदगी के बारे में दिखाया गया है। कुुमुद रंजन अभी सियोल में हैं।
कुमुद रंजन पहली बार चर्चा में तब आये जब उन्होंने स्व.दशरथ मांझी पर 26 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई। डाक्यूमेंटरी फिल्म ‘मैन हू मूवड द मोंटेन’ वर्ष 2011 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल, केरल फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था। कुमुद रंजन ने इसके पहले डाक्यूमेंट्री 'आफ्टर दी आफ्टर मैथ का भी बनाई है। इसमें बथानी टोला नरसंहार और इस घटना पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद की परिस्थितियों पर प्रकाश डाला गया है। वे पटना विश्वविद्यालय के चुनाव पर भी एक डाक्यूमेंटरी फिल्म बना चुके हैं।
मोतिहारी जिले के रहने वाले कुमद रंजन ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है। इसके बाद एक न्यूज चैनल में नौकरी भी की। अपने पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जो फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी हैं। अपनी फिल्म फुटप्रिंटस इन द डेजर्ट के बुसान फेस्टिवल के लिए चुने जाने पर कुमुद रंजन काफी खुश हैं। वे कहते हैं कि यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि वहां के एक लाडले की फिल्म यहां तक पहुंची। आने वाले दिनों में कुमुद मुजफ्फरपुर इलाके में सामुदायिक चैनल 'अप्पन समाचार' चलाने वाली खुशबू कुमारी पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले हैं। कुमुद रंजन को अब तक डॉक्यूमेंट्री बनाने में सरकारी से लेकर निजी संस्थानों ने सहायता प्रदान की है।