फाइल फोटो: कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रुडी।
पटना. कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि केंद्र सरकार ने हरेक वर्ष 1 करोड़ लोगों के कौशल विकास का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2017 तक लगभग 5 करोड़ लोगों का कौशल विकास किया जाएगा। गुरुवार को मंत्री ने कहा कि अभी कौशल विकास मंत्रालय बने हुए एक माह से भी कम समय हुआ है। लिहाजा इस योजना का लक्ष्य क्या होना चाहिए और रोजगार के लिए कितने लोगों को प्रशिक्षित किया जा सकता है, इसका निर्धारण करने के लिए अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया आईटीआई केंद्रों के माध्यम से होनी है। इसलिए इस पर प्रधानमंत्री को फैसला करना जरूरी है। फिलहाल ग्रामीण विकास मंत्रालय, श्रम रोजगार मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, टेक्सटाईल और पर्यटन जैसे लगभग 36 मंत्रालयों या विभागों द्वारा कौशल विकास से संबंधित पाठ्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी पाठ्यक्रमों को एक छतरी के नीचे लाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने 50 करोड़ को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा था। पता नहीं यह कैसे निर्धारित किया गया और इसका आधार क्या था? सच्चाई यह है कि देश के निबंधन कार्यालयों मे निबंधित व्यक्तियों की संख्या ही लगभग साढ़े चार करोड़ है।