फाइल फाेटो: जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह।
पटना. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि जदयू और राजद एकदूसरे के मित्र हैं। हमारे बीच पिछलग्गू होने जैसी कोई बात नहीं है। ना तो हमें राजद के पीछे चलना है और ना ही राजद को हमारे पीछे चलने की जरूरत है। हमारे सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी है। हमलोग उसका मिलजुल कर मुकाबला कर रहे हैं। भाजपा के इरादों को नाकाम करने के लिए ही जदयू ने राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया है।
राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि राजद जदयू से बड़ा दल है। इसलिए राजद विधानसभा के चुनाव में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगा। जदयू ने बहुत सी सीटें भाजपा की मदद से जीती हैं, इसलिए उन सीटों पर उसकी दावेदारी नहीं हो सकती है। जबाव में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा चुनाव में काफी देर हैं। कौन दल कितनी सीट पर लड़ेगा, यह अभी का सवाल नहीं है। जब सीटों के तालमेल पर बात होगी तब आसानी के साथ इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा। अभी इसमें कोई परेशानी की बात कहां से आ गई? सीटों के तालमेल का मामला छोटा है। असली मुद्दा तो सांप्रदायिक शक्तियों का सफाया करना है। उपचुनाव में हमने सांप्रदायिक ताकतों को शिकस्त दी है। आगे भी यही होगा। हमें एकदूसरे की मदद करके अपनी ताकत को बढ़ाना है।